Correct option is A
ans.(A)
सुमेल:
- A. लाहौर – 2. झूठा-सच
- B. शिवपाल गंज – 1. राग दरबारी
- C. कायकुंज – 4. बाणभट्ट की आत्मकथा
- D. अमृतसर – 3. उसने कहा था
Information Booster:
1. बाणभट्ट की आत्मकथा
- लेखक: हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
- प्रकाशन वर्ष: 1946
- शैली: ऐतिहासिक उपन्यास
- संक्षिप्त परिचय:
यह उपन्यास प्राचीन भारत के महान संस्कृत कवि बाणभट्ट की काल्पनिक आत्मकथा है। लेखक ने बाणभट्ट के जीवन और उसके समय के समाज का गहन चित्रण किया है। इसमें गुप्त कालीन समाज, राजनीति, धर्म, साहित्य और संस्कृति के विविध पहलुओं को उजागर किया गया है। - मुख्य विषय:
- प्राचीन भारत का समाज और राजनीतिक व्यवस्था।
- बाणभट्ट के जीवन की संघर्ष गाथा।
- तत्कालीन धर्म और सामाजिक मान्यताएँ।
2. राग दरबारी
- लेखक: श्रीलाल शुक्ल
- प्रकाशन वर्ष: 1968
- शैली: व्यंग्य उपन्यास
- संक्षिप्त परिचय:
यह उपन्यास भारतीय ग्रामीण जीवन, राजनीति और नौकरशाही पर करारा व्यंग्य है। कहानी उत्तर प्रदेश के एक काल्पनिक गाँव शिवपालगंज की है, जो सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विडंबनाओं को उजागर करती है। - मुख्य पात्र:
- रंगनाथ (मुख्य नायक)
- वैद्यजी (गाँव के मुख्य नेता)
- बद्री पहलवान, संपूर्णानंद आदि।
- मुख्य विषय:
- भारतीय लोकतंत्र की विसंगतियाँ।
- ग्रामीण समाज में फैले भ्रष्टाचार और राजनीति।
- शिक्षा व्यवस्था और नौकरशाही पर व्यंग्य।
3. झूठा सच
- लेखक: यशपाल
- प्रकाशन वर्ष: 1958-1960 (दो भागों में प्रकाशित)
- भाग 1: वतन और देश
- भाग 2: देश का भविष्य
- शैली: ऐतिहासिक उपन्यास
- संक्षिप्त परिचय:
यह उपन्यास भारत के विभाजन और उसके परिणामों पर आधारित है। इसमें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और बाद में समाज में आए बदलावों का मार्मिक चित्रण है। - मुख्य पात्र:
- कनक
- तारा
- कुसुम
- जयदेव
- मुख्य विषय:
- भारत का विभाजन और उसके दुष्परिणाम।
- सांप्रदायिकता, देशप्रेम, और मानवता की पीड़ा।
- सामाजिक विघटन और पारिवारिक संघर्ष।
4. उसने कहा था
- लेखक: चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी'
- प्रकाशन वर्ष: 1915
- शैली: कहानी
- संक्षिप्त परिचय:
यह हिंदी साहित्य की पहली प्रेम कहानी मानी जाती है, जिसमें प्रेम, त्याग और कर्तव्य का गहन चित्रण है। कहानी एक सिख सैनिक के बलिदान और प्रेम की कथा है। - मुख्य पात्र:
- लहना सिंह (सिख सैनिक)
- बचपन की प्रेमिका
- मुख्य विषय:
- प्रेम, त्याग और बलिदान।
- मानवीय संवेदनाएँ और कर्तव्य भावना।
- भारतीय समाज की मूल्य-व्यवस्था।
संक्षेप में तुलना:
कृति | लेखक | मुख्य विषय | प्रकाशन वर्ष |
|---|---|---|---|
बाणभट्ट की आत्मकथा | हज़ारी प्रसाद द्विवेदी | प्राचीन भारत और बाणभट्ट का जीवन | 1946 |
राग दरबारी | श्रीलाल शुक्ल | ग्रामीण समाज, राजनीति, और नौकरशाही | 1968 |
झूठा सच | यशपाल | भारत विभाजन और सांप्रदायिकता | 1958-1960 |
उसने कहा था | चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी' | प्रेम, त्याग और बलिदान | 1915 |
