Correct option is B
प्रस्तुत प्रश्न पाठ्यक्रम की दर्शन साहित्य का विशिष्ट अध्ययन नामक इकाई से उद्धृत है।
तर्कसंग्रह के अनुसार, कारण तीन प्रकार के होते हैं : समवायिकारण, असमवायिकारण और निमित्तकारण प्रश्न में समवायिकारण और असमवायिकारण के क्रमानुसार उदाहरण चुनने के लिए कहा गया है।
समवायिकारण (समवाय संबंध से रहने वाला कारण): यह वह कारण होता है जिसमें कार्य समवाय संबंध से रहता है. जैसे, कपड़े का समवायिकारण उसके धागे (तन्तु) हैं, क्योंकि कपड़ा धागों में समवाय संबंध से रहता है।
असमवायिकारण (समवायिकारण के साथ समवाय संबंध से रहने वाला कारण): यह वह कारण होता है जो समवायिकारण में समवाय संबंध से रहता है या समवायिकारण के साथ समवाय संबंध से रहता है. जैसे, कपड़े का असमवायिकारण धागों का संयोग (जुड़ना) है, क्योंकि यह धागों में रहता है और धागे कपड़े के समवायिकारण हैं।
दिए गए विकल्पों में सेः
A. तन्तवः पटस्य, पटश्च स्वगतरूपादेः 'तन्तवः पटस्य' (धागे कपड़े के) - यहां तन्तु (धागे) कपड़े (पट) के समवायिकारण हैं। 'पटश्च स्वगतरूपादेः' (कपड़ा अपने रूप आदि का) - यहां पट (कपड़ा) अपने रूप आदि का समवायिकारण है.
D. तन्तुसंयोगः पटस्य, तन्तुरूपं पटरूपस्य 'तन्तुसंयोगः पटस्य' (धागों का संयोग कपड़े का) - यहां तन्तुसंयोग (धागों का संयोग) कपड़े (पट) का असमवायिकारण है। 'तन्तुरूपं पटरूपस्य' (धागे का रूप कपड़े के रूप का) -यहां तन्तुरूप (धागे का रूप) पटरूप (कपड़े के रूप) का असमवायिकारण है. अतः, समवायिकारण और असमवायिकारण के सही उदाहरण क्रमशः A और D में दिए गए हैं.