Correct option is A
सही उत्तर: (A) वीर रस
व्याख्या:
यह पंक्तियाँ युद्ध, साहस, और वीरता की भावना को व्यक्त करती हैं।
यह वीर रस की विशेषता है, जिसमें युद्ध, शक्ति, और शौर्य का वर्णन होता है।
पंक्तियाँ इस प्रकार हैं:
"हे सारथे! हे द्रोण क्या, देवेंद्र भी आकर अड़े।" - यहां पर युद्ध की स्थिति का वर्णन किया जा रहा है, जहां देवेंद्र (इंद्र) भी आकर खड़ा होता है, जो वीरता की भावना को व्यक्त करता है।
"है खेल क्षत्रिय बालकों का, व्यूह भेदन कर लड़े।" - इस पंक्ति में यह बताया जा रहा है कि क्षत्रिय बालक युद्ध के मैदान में व्यूह को भेदन कर लड़ने के लिए तत्पर हैं, जो वीरता की भावना को दर्शाता है।
"मैं सत्य कहता हूँ सखे। सुकुमार मत जानो मुझे।" - इस पंक्ति में व्यक्ति अपने साहस और वीरता को व्यक्त कर रहा है, यह बताता है कि वह शारीरिक रूप से कमजोर नहीं, बल्कि एक साहसी और वीर योद्धा है।
"यमराज से भी युद्ध में प्रस्तुत सदा मानो मुझे।" - इस पंक्ति में व्यक्ति यमराज (मृत्यु के देवता) से भी युद्ध करने की तैयारी व्यक्त करता है, जो वीरता और साहस को दर्शाता है।
अतिरिक्त जानकारी
| रस |
परिभाषा |
स्थायी भाव |
संचारी भाव |
उदाहरण |
| श्रृंगार रस |
नायक और नायिका के बीच प्रेम के भावों को व्यक्त करने वाला रस। इसमें सौंदर्य, प्रकृति, वसंत ऋतु आदि का वर्णन होता है। |
रति (प्रेम) |
उल्लास, चंचलता, स्नेह, आकर्षण, कांतापन |
"एक पल मेरे प्रिया के दृग-पलक थे उठे ऊपर सहज नीचे गिरे चपलता ने इस विकंपित पुलक से दृढ़ किया मानो प्रणय सम्बन्ध था।" |
| करुण रस |
शोक और दुःख के भावों को व्यक्त करने वाला रस। |
शोक |
मोह, विषाद, अश्रु, अपस्मार, उन्माद |
"हाय राम कैसे झेलें हम पनी लज्जा अपना शोक। गया हमारे ही हाथों से अपना राष्ट्र पिता परलोक ॥" |
| भयानक रस |
किसी भय, आतंक, या संकट की स्थिति को व्यक्त करने वाला रस। |
भय |
त्रास, ग्लानि, दैन्य, शंका, चिंता, आवेग |
"एक ओर अजगरहिं लखि एक ओर मृगराय। विकल बटोही बीच ही, पद्यो मूरछा खाय।।" |
इन पंक्तियों वीरता, साहस और युद्ध की भावना व्यक्त की जा रही है, यह पंक्तियाँ वीर रस में आती हैं।
इसलिए सही उत्तर: (A) वीर रस