Correct option is A
सही उत्तर: A. वात्सल्य रस
व्याख्या:
दी गई पंक्तियों में जो भाव व्यक्त किया गया है, वह वात्सल्य रस का उदाहरण है। वात्सल्य रस का स्थायी भाव संतान या प्रिय के प्रति रति होता है, जो माता-पिता या किसी प्रिय व्यक्ति का अपने प्रिय के प्रति स्नेह और प्रेम को व्यक्त करता है।
पंक्तियों में कान्हा के प्रति नंद के प्रेम और स्नेह का चित्रण किया गया है, जहां "किलकत कान्ह घुटुरुवनि आवत" (कान्हा की हंसी और उनकी आवाज का स्वागत करना) और "मनिमय कनक नंद कै आँगन" (नंद के आंगन में कान्हा की स्वर्णमयी उपस्थिति का बोध) जैसे वाक्य वात्सल्य रस को स्पष्ट करते हैं।
यहाँ रस और उनके स्थायी भाव के बारे में सारणी सहित संक्षिप्त विवरण दिया गया है:
क्रमांक | रस का प्रकार | स्थायी भाव | संक्षिप्त विवरण |
|---|---|---|---|
1 | वीभत्स रस | घृणा, जुगुप्सा | यह रस मनुष्य या वस्तु के प्रति घृणा या अस्वीकृति का भाव व्यक्त करता है। उदाहरण: गंदगी, बुराई आदि। |
2 | हास्य रस | हास | यह रस हंसी या मजाक से संबंधित होता है। इसका स्थायी भाव हास्य होता है, जो खुशी और आनंद को व्यक्त करता है। |
3 | करुण रस | शोक | यह रस दुख, दुःख, विषाद और शोक के भाव को व्यक्त करता है। जैसे किसी प्रिय के खोने का दुःख। |
4 | रौद्र रस | क्रोध | क्रोध का भाव व्यक्त करने वाला रस। यह हिंसा, गुस्से, आक्रोश और संघर्ष से जुड़ा हुआ है। |
5 | वीर रस | उत्साह | यह रस साहस, पराक्रम और वीरता का प्रतीक होता है। इसे युद्ध, संघर्ष या किसी महान कार्य के लिए व्यक्त किया जाता है। |
6 | भयानक रस | भय | भय या डर का रस, जिसमें किसी के मन में भय, घबराहट या डर का भाव होता है। उदाहरण: किसी भयावह स्थिति का सामना। |
7 | शृंगार रस | रति | यह रस प्रेम, आकर्षण और काम भावना का प्रतीक होता है। इसे रति या प्रेम के भाव से जोड़ा जाता है। |
8 | अद्भुत रस | आश्चर्य | यह रस चमत्कार, अनहोनी, अचंभा और आश्चर्यजनक घटनाओं से संबंधित होता है। इसे देखकर व्यक्ति हैरान होता है। |
9 | शांत रस | निर्वेद | यह रस मानसिक शांति, संतोष और आत्म-संयम का प्रतीक होता है। इसका भाव निर्वेद या शांतिपूर्ण होता है। |
10 | भक्ति रस | अनुराग, देव रति | यह रस भगवान के प्रति भक्तिपूर्ण प्रेम, श्रद्धा और समर्पण को व्यक्त करता है। |
11 | वात्सल्य रस | संतान या रति | यह रस माता-पिता या परिवार के सदस्यों के प्रति प्रेम और स्नेह के भाव को व्यक्त करता है, जैसे एक माँ का अपने बच्चे से प्रेम। |
निष्कर्ष: दी गई पंक्तियों में वात्सल्य रस का वर्णन है, क्योंकि यह प्रेम और स्नेह के भाव को व्यक्त करता है।