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अधिकथन (A) : उपचारात्मक शिक्षण एक व्यवस्थित प्रक्रिया है जिसमें शिक्षक शिक्षार्थियों की समस्या का निदान करता है और फिर उचित पद्धति अपनाता है। कारण (R
Question

अधिकथन (A) : उपचारात्मक शिक्षण एक व्यवस्थित प्रक्रिया है जिसमें शिक्षक शिक्षार्थियों की समस्या का निदान करता है और फिर उचित पद्धति अपनाता है।
कारण (R) : उपचारात्मक पद्धति को लागू करने से पहले एक शिक्षक को अपने शिक्षार्थियों की खूबियों और कमियों के बारे में जागरूक होना चाहिए ।
निम्नलिखित कोड में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

A.

(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है |

B.

(A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R) (A) की सही व्याख्या नहीं है |

C.

(A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है |

D.

(A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है |

Correct option is A

उपचारात्मक शिक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शिक्षक व्यवस्थित रूप से शिक्षार्थियों की समस्याओं को पहचानता है, उनका निदान करता है, और फिर शिक्षण की उचित विधियों का उपयोग करता है ताकि उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। उपचारात्मक शिक्षण में पहले से प्राप्त ज्ञान की कमी, अवधारणाओं की समझ में बाधा, या अन्य अकादमिक चुनौतियों को पहचानकर उन्हें हल किया जाता है। इस प्रक्रिया में शिक्षक का यह कर्तव्य होता है कि वह पहले अपने छात्रों की क्षमताओं और उनकी कमजोरियों का आकलन करे। इस आधार पर ही उपचारात्मक पद्धति को लागू किया जाता है।

अतः अधिकथन (A) सत्य है कि उपचारात्मक शिक्षण एक व्यवस्थित प्रक्रिया है जिसमें शिक्षक शिक्षार्थियों की समस्याओं का निदान करके उचित पद्धति अपनाता है। कारण (R) भी सही है क्योंकि जब तक शिक्षक शिक्षार्थियों की खूबियों और कमियों के बारे में जागरूक नहीं होगा, तब तक वह सही उपचारात्मक विधि का चुनाव नहीं कर पाएगा। इसलिए, (R), (A) की सही व्याख्या करता है।

Information Booster:

  • उपचारात्मक शिक्षण का उद्देश्य कमजोर या पिछड़े छात्रों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार विशेष सहायता प्रदान करना है ताकि वे बाकी छात्रों के स्तर पर पहुँच सकें।
  • यह एक निरंतर प्रक्रिया है जिसमें शिक्षक नियमित रूप से छात्रों की प्रगति की निगरानी करता है और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए अलग-अलग रणनीतियों का उपयोग करता है।
  • उपचारात्मक शिक्षण छात्रों के व्यक्तिगत शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है और उन्हें वह सहायता प्रदान करता है जिसकी उन्हें विशेष रूप से जरूरत होती है।
  • इस प्रकार की शिक्षण प्रक्रिया में छात्रों के साथ संवाद और निरंतर फीडबैक का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Additional Knowledge:

  • उपचारात्मक शिक्षण में शिक्षक को निदान का प्रयोग करना पड़ता है, ताकि वे समझ सकें कि छात्र किस प्रकार की शैक्षणिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
  • इस प्रक्रिया में कस्टमाइज़्ड शिक्षण योजनाएँ बनती हैं जो छात्रों की विशेष आवश्यकताओं के आधार पर बनाई जाती हैं।
  • खूबियों और कमियों की समझ शिक्षण के दौरान सही रणनीतियों को अपनाने के लिए आवश्यक होती है।

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