Correct option is C
परिचय
अनुबन्धचतुष्टय वेदांत दर्शन में किसी भी शास्त्र के अध्ययन के लिए आवश्यक चार पूर्व-अपेक्षाओं का समूह है।
व्याख्या
अधिकारी (A): यह वह व्यक्ति होता है जो शास्त्र का अध्ययन करने के योग्य है, जिसमें आवश्यक योग्यताएं (जैसे साधनचतुष्टय) होती हैं।
विषयः (C): यह वह मूल विषय या प्रतिपाद्य वस्तु है जिसका शास्त्न में विवेचन किया गया है। वेदांत के संदर्भ में, यह ब्रद्धा और आत्मा की एकता का ज्ञान होता है। A
रोचक तथ्यःब्रह्म (B): ब्रह्म अनुबन्धचतुष्टय का भाग नहीं है, बल्कि यह वेदांत शास्त्र का 'विषय' है, यानी जिसके बारे में शास्त्र ज्ञान प्रदान करता है।
जीवः (D): जीव भी अनुबन्धचतुष्टय का सीधा भाग नहीं है। जीव ही 'अधिकारी' हो सकता है, जो मोक्ष की इच्छा रखता है और शास्त्र का अध्ययन करता है।