Correct option is A
सर्वदर्शनसंग्रहानुसार बौद्ध दर्शनों में इन सम्प्रदायों का कालक्रम इस प्रकार से है-
1. माध्यमिक (D): यह सबसे प्राचीन बौद्ध दार्शनिक सम्प्रदायों में से एक है।माध्यमिक संप्रदाय, बौद्ध धर्म के महायान संप्रदाय का एक महत्वपूर्ण उप-संप्रदाय है। इसकी स्थापना आचार्य नागार्जुन ने की थी।माध्यमिक संप्रदाय शून्यवाद के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि सभी घटनाएँ स्वभाव से शून्य हैं। नागार्जुन ने अपने ग्रंथ 'माध्यमिक कारिका' के माध्यम से इस दर्शन को विकसित किया और इसे एक तार्किक रूप दिया।
2. योगाचार (C): योगाचार संप्रदाय माध्यमिक के बाद आया। योगाचार सम्प्रदाय की स्थापना हुई थी। इसके संस्थापक मैत्रेय या मैत्रेयनाथ थे, और इसका विकास असंग और वसुबन्धु नामक आचार्यों ने किया था।
3. सौत्रान्तिक (A): यह भी सर्वास्तिवाद का एक उप-सम्प्रदाय है, लेकिन यह बाह्य पदार्थों की अनुमानित सत्ता को मानता है । इस सम्प्रदाय के प्रमुख आचार्य कुमारलात थे। सौत्रान्तिक संप्रदाय बौद्ध धर्म के हीनयान संप्रदाय की एक शाखा है। इस संप्रदाय का नाम "सूत्र" शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है कि यह संप्रदाय केवल बुद्ध के सूत्रों (उपदेशों) पर ही विश्वास करता है, अभिधर्म पिटक पर नहीं।
4. वैभाषिक (B): यह सर्वास्तिवाद का एक उप-सम्प्रदाय है जो बाह्य पदार्थों की प्रत्यक्ष सत्ता को मानता है। वैभाषिक संप्रदाय के प्रमुख आचार्यों में वसुमित्र, धर्मत्रात, घोषक, और बुद्धदेव शामिल हैं। इन आचार्यों ने अभिधर्मपिटक पर टीकाएं और भाष्य लिखे। उनके इन कार्यों को 'विभाषा' कहा जाता था, जिसके कारण ही इस संप्रदाय का नाम वैभाषिक पड़ा।
उपरोक्त कालक्रमानुसार, सही क्रम है: D (माध्यमिक), C (योगाचार), A (सौत्रान्तिक), B (वैभाषिक),