hamburger menu
All Coursesall course arrow
adda247
reward-icon
adda247
    arrow
    arrow
    arrow
    36.  निम्नलिखित में से 'मैला आंचल' उपन्यास के पात्र हैं:37.   कमला38.  शाहननवाज़39.  सहदेव मिसिर40.  बलभद्र नारायण
    Question

    36.  निम्नलिखित में से 'मैला आंचल' उपन्यास के पात्र हैं:

    37.   कमला

    38.  शाहननवाज़

    39.  सहदेव मिसिर

    40.  बलभद्र नारायण

    A.

    1 और 2

    B.

    1 और 3

    C.

    2 और 4

    D.

    2 और 3

    Correct option is B

    कमला और सहदेव मिसिर 'मैला आँचल' के पात्र हैं।

    सही उत्तर है: (b) 1 और 3

    मैला आँचल के अन्य पात्र :

    1. डॉ. प्रशांत: उपन्यास के केंद्रीय पात्र, जो पटना मेडिकल कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने के बाद मेरीगंज गाँव में मलेरिया अनुसंधान के लिए आते हैं। वे ग्रामीणों के स्वास्थ्य सुधार के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता फैलाने का प्रयास करते हैं।

    2. कमला: डॉ. प्रशांत की सहयोगी और प्रेमिका, जो उनके साथ गाँव में रहकर सेवा कार्य में सहयोग करती है।

    3. सहदेव मिसिर: गाँव के एक प्रभावशाली व्यक्ति, जो सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

    4. बलभद्र नारायण: गाँव के एक अन्य प्रमुख व्यक्ति, जो सामाजिक संरचना में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

    5. रामखेलावन यादव: यादव टोली के मुखिया, जो गाँव के समृद्ध किसानों में से एक हैं और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय हैं।

    6. तहसीलदार विश्‍वनाथ प्रसाद: गाँव के जमींदार, जो अपनी तिकड़म और चालाकी से ग्रामीणों का शोषण करते हैं और राजनीतिक अवसरवादिता का प्रतीक हैं।

    7. हरगौरी सिंह: नए तहसीलदार, जो पुराने रैयतों से जमीन छीनकर नई बंदोबस्ती का एलान करते हैं, जिससे ग्रामीणों में असंतोष फैलता है।

    8. बिरंची दास: गाँव के एक साधु, जो धार्मिक आडंबर और पाखंड का प्रतिनिधित्व करते हैं।

    9. कालीचरण: गाँव का एक युवक, जो राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय है और सामाजिक परिवर्तन की आकांक्षा रखता है।

    Information Booster :

    'मैला आँचल' फणीश्वरनाथ रेणु का प्रतिनिधि उपन्यास है, जो 1954 में प्रकाशित हुआ था। यह हिंदी साहित्य का एक प्रमुख आंचलिक उपन्यास माना जाता है, जिसमें बिहार राज्य के पूर्णिया जिले के मेरीगंज गाँव की ग्रामीण जिंदगी का सजीव चित्रण किया गया है।

    कथावस्तु

    उपन्यास की कथा स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता के तुरंत बाद के भारत की राजनीतिक, आर्थिक, और सामाजिक परिस्थितियों को ग्रामीण परिदृश्य में प्रस्तुत करती है। रेणु ने इसमें गरीबी, रोग, भुखमरी, अज्ञानता, धर्म की आड़ में हो रहे व्यभिचार, शोषण, बाह्याडंबरों, और अंधविश्वासों का चित्रण किया है।

    ​​शिल्प और शैली

    शिल्प की दृष्टि से, 'मैला आँचल' में फिल्म की तरह घटनाएँ एक के बाद एक घटित होती हैं और विलीन हो जाती हैं, जिससे नाटकीयता और किस्सागोई शैली का प्रभाव उत्पन्न होता है। इसमें घटनाप्रधानता है, किंतु कोई केंद्रीय चरित्र या कथा नहीं है; पूरा अंचल ही इसका नायक है। रेणु ने मिथिलांचल की पृष्ठभूमि पर रचित इस उपन्यास में उस अंचल की भाषा विशेष का अधिक से अधिक प्रयोग किया है, जो वहाँ के लोगों की इच्छा-आकांक्षा, रीति-रिवाज, पर्व-त्योहार, सोच-विचार को पूरी प्रामाणिकता के साथ प्रस्तुत करता है।

    सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य

    उपन्यास में स्वतंत्रता के बाद की राजनीतिक अवसरवादिता, स्वार्थ, और क्षुद्रता को भी बड़ी कुशलता से उजागर किया गया है। गाँधीवाद की चादर ओढ़े हुए भ्रष्ट राजनेताओं के कुकर्मों को भी दिखाया गया है। राजनीति, समाज, धर्म, जाति, सभी तरह की विसंगतियों पर रेणु ने अपने कलम से प्रहार किया है।

    भाषा और आंचलिकता

    रेणु ने उपन्यास में आंचलिक भाषा, लोकगीत, लोककथाएँ, और लोकसंगीत का समावेश किया है, जिससे ग्रामीण जीवन की सजीवता और प्रामाणिकता उभरकर सामने आती है। उन्होंने 'आंचलिक' शब्द का प्रयोग करते हुए इस उपन्यास को आंचलिक उपन्यासों की श्रेणी में स्थापित किया।​

    प्रकाशन और स्वीकृति

    'मैला आँचल' का प्रकाशन  1954 मे पटना के 'समता प्रकाशन' से हुआ था, लेकिन बाद में 'राजकमल प्रकाशन' ने इसे पुनः प्रकाशित किया। प्रकाशन के बाद, आचार्य नलिन विलोचन शर्मा ने इसकी प्रथम समीक्षा की और इसे हिंदी के दस श्रेष्ठ उपन्यासों में सहज ही परिगणनीय बताया।


    इस प्रकार, 'मैला आँचल' भारतीय ग्रामीण जीवन का जीता-जागता दस्तावेज़ है, जो सामाजिक, राजनीतिक, और सांस्कृतिक परिवेश का सजीव चित्रण करता है।

    Additional Booster:

    फणीश्वरनाथ 'रेणु' हिंदी साहित्य के प्रमुख उपन्यासकारों में से एक हैं, जिन्होंने आंचलिकता को अपने उपन्यासों के माध्यम से सजीव किया। उनके प्रमुख उपन्यास निम्नलिखित हैं:

    1. परती परिकथा (1957):इस उपन्यास में पारनपुर गाँव की कहानी है, जहाँ विभिन्न सरकारी योजनाओं, ग्राम समाज सुधार, और विकास योजनाओं के प्रति लोगों में उत्साह है।

      उपन्यास का नायक जितेंद्र (जित्तन) अपने निजी अनुभवों से राजनीति की कटुता और दुरभिसंधि के प्रति वितृष्णा पाल लेता है।

    2. जुलूस (1966): यह उपन्यास पूर्वी बंगाल की एक विस्थापित युवती पवित्रा को केंद्र में रखकर चलता है।रेणु विभिन्न विशेषताओं एवं सामाजिक व्यवहार वाले मनुष्यों का एक चित्र सामाजिक जुलूस के रूप में प्रस्तुत करते हैं।

      दीर्घतपा (1964): इस उपन्यास में रेणु ने समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया है, जिसमें पात्रों के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों का चित्रण किया गया है।

    3. कितने चौराहे (1966): यह उपन्यास समाज में विभिन्न विचारधाराओं और मान्यताओं के बीच के संघर्ष को दर्शाता है, जहाँ पात्र अपने-अपने चौराहों पर खड़े नजर आते हैं।

    4. पलटू बाबू रोड (1979, मरणोपरांत प्रकाशित): इस उपन्यास में शहरी जीवन और उसकी जटिलताओं का वर्णन है, जहाँ पलटू बाबू जैसे पात्र समाज की विडंबनाओं को उजागर करते हैं।

    रेणु के उपन्यासों में ग्रामीण भारत की सजीव तस्वीर प्रस्तुत की गई है, जहाँ आंचलिक भाषा, लोकगीत, और सांस्कृतिक तत्वों का समावेश है। उनकी लेखनी ने हिंदी साहित्य को एक नई दिशा दी, जिसमें आंचलिकता और यथार्थवाद का समावेश है।

    Free Tests

    Free
    Must Attempt

    Basics of Education: Pedagogy, Andragogy, and Hutagogy

    languageIcon English
    • pdpQsnIcon10 Questions
    • pdpsheetsIcon20 Marks
    • timerIcon12 Mins
    languageIcon English
    Free
    Must Attempt

    UGC NET Paper 1 Mock Test 1

    languageIcon English
    • pdpQsnIcon50 Questions
    • pdpsheetsIcon100 Marks
    • timerIcon60 Mins
    languageIcon English
    Free
    Must Attempt

    Basics of Education: Pedagogy, Andragogy, and Hutagogy

    languageIcon English
    • pdpQsnIcon10 Questions
    • pdpsheetsIcon20 Marks
    • timerIcon12 Mins
    languageIcon English
    test-prime-package

    Access ‘UGC NET Hindi’ Mock Tests with

    • 60000+ Mocks and Previous Year Papers
    • Unlimited Re-Attempts
    • Personalised Report Card
    • 500% Refund on Final Selection
    • Largest Community
    students-icon
    354k+ students have already unlocked exclusive benefits with Test Prime!
    Our Plans
    Monthsup-arrow