Correct option is C
उस्ताद फैयाज खाँ का जन्म
1886 में हुआ था। वे
आगरा घराने के एक प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय गायक थे और उन्हें
आफ़ताब-ए-मौसिकी (संगीत का सूर्य) के नाम से भी जाना जाता था। उस्ताद फैयाज खाँ की गायकी में
गंभीरता,
भावनात्मक गहराई और
संगीत की अद्वितीय शैली का समावेश था, जो उन्हें भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पर पहुँचाता है।
उनका संगीत परिवार से गहरा संबंध था, और उन्होंने अपने जीवनकाल में भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक नई ऊँचाई प्राप्त की। उनका योगदान
आगरा घराने को आगे बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
Information Booster:
1.
उस्ताद फैयाज खाँ ने अपने गायन में
रागों की बारीकियों और
स्वरों की गहरी समझ को प्रस्तुत किया।
2. उन्हें
आफ़ताब-ए-मौसिकी के नाम से सम्मानित किया गया था, जो उनके संगीत में दी गई उनकी विशालता और प्रभाव को दर्शाता है।
3. उनका संगीत में
रागदारी प्रणाली और
स्वरों की सटीकता को ध्यान में रखते हुए गाया गया।
4.
आगरा घराने की
गायन शैली में फैयाज खाँ का योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण था, और वे इस घराने के
प्रमुख प्रतिपादक थे।
5. उनके
अद्वितीय गायन ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की
लोकप्रियता और
प्रभावशीलता को बढ़ाया।