Correct option is C
भारत में
अकबर के शासन काल (1556-1605) में उत्तर भारतीय संगीत अपने चरम पर था। अकबर के दरबार में संगीत का बहुत सम्मान था और उन्होंने कई प्रसिद्ध संगीतकारों और गायकों को अपनी दरबारी सभा में जगह दी थी। अकबर के दरबार में
उस्ताद तानसेन जैसे महान संगीतकार ने अपने संगीत कौशल का प्रदर्शन किया, जो आज भी भारतीय संगीत का एक अभिन्न हिस्सा माना जाता है। अकबर के शासन में संगीत, कला और संस्कृति का समृद्धि हुई और भारतीय शास्त्रीय संगीत में कई नए रचनात्मक योगदान हुए।
मुख्य बिंदु:
1. अकबर के दरबार में संगीत का काफी महत्व था और वह कला के प्रति अपनी श्रद्धा के लिए प्रसिद्ध थे।
2.
उस्ताद तानसेन जैसे महान संगीतकार अकबर के दरबार में थे और उनके संगीत योगदान ने भारतीय संगीत को एक नई दिशा दी।
3. अकबर के काल में रागों और संगीत शैलियों में काफी विकास हुआ, और उसे एक उच्च स्तर पर प्रस्तुत किया गया।
4. अकबर के दरबार में न केवल संगीत का, बल्कि कला, साहित्य और स्थापत्य कला का भी उत्थान हुआ।
5. अकबर के दरबार में
नव-रत्नों में संगीतकारों, कवियों और अन्य कलाकारों को शामिल किया गया था, जिन्होंने अकबर के शासन काल को समृद्ध किया।