Correct option is D
प्राण चंद और तुलसीदास दोनों राम काव्य परंपरा के कवि है
तुलसीदास (1532 -1623 ई.)-
• भक्तिकाल में रामभक्ति शाखा के प्रमुख कवि
• रचनाएँ - वैराग्य संदीपनी (संवत 1626- 1627 ), रामाज्ञाप्रश्नावली (संवत 1627- 1628 ), रामलला नहछु संवत (1628 -1629 ), जानकी मंगल (संवत 1629- 1630), रामचरितमानस( संवत 1631), पार्वती मंगल ( संवत 1643 ), विनय पत्रिका (संवत 1631 ), दोहावली ( संवत 1631 ), कवितावली (संवत 1631 )
प्राण चंद चौहान -
• प्रमुख राम भक्त कवि है
• इनकी रचना 'रामायण महानाटक' 1610 ई. संवादात्मक प्रबंध काव्य है
• यह संवादात्मकता के कारण नाटक भी माना जाता है
• दोहा चौपाई शैली की प्रधानता है और संस्कृत के हनुमन्नाटक का प्रभाव है
नंददास -(1533 - 1583 ई.)-
• कृष्ण भक्ति काव्य परंपरा के प्रमुख कवि है
• रचनाएं - अनेकार्थ मंजरी, मान मंजरी, रस मंजरी, रूपमंजरी विरह मंजरी, श्याम सगाई,सुदामा चरित्र, रुक्मणी मंगल, भंवर गीत रास पंचाध्यायी अध्याय सिद्धांत पंचाध्यायी, गोवर्धन लीला, नंददास पदावली, जोग लीला नामचिंतामणि माला