Correct option is B
झपताल में 10 मात्रा होती हैं और इसे चार विभागों में बांटा जाता है:
1. पहले और तीसरे विभाग में 2-2 मात्राएँ होती हैं।
2. दूसरे और चौथे विभाग में 3-3 मात्राएँ होती हैं।
इस ताल का प्रयोग आमतौर पर
ख्याल गायन के लिए किया जाता है। झपताल में 1, 3 और 8वीं मात्रा पर ताली लगती है। इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि 10 मात्राओं के बीच विभाजन इस प्रकार किया जाता है कि यह ताल ताजगी और गति बनाए रखता है। झपताल के सम और खाली मात्रा के अनुसार इसे गाने में लय और भावनाओं को प्रकट करने का माध्यम माना जाता है। यह ताल भारतीय संगीत में विशेष रूप से गायन की शृंगारी और लयात्मकता को व्यक्त करने में मदद करता है।
मुख्य बिंदु:
1. झपताल 10 मात्राओं का एक लयकारी पैटर्न है।
2. इसमें 4 विभाग होते हैं, जिसमें से 2 विभागों में 2-2 मात्राएँ और 2 विभागों में 3-3 मात्राएँ होती हैं।
3. यह ताल विशेष रूप से ख्याल और ध्रुपद गायन में प्रयोग होता है।
4. झपताल का उपयोग संगीतकारों द्वारा संगीत के प्रवाह को संजीवनी देने के लिए किया जाता है।
5. इसकी लय का संगीत में एक विशेष महत्व है और इसे सामान्यत: भारतीय शास्त्रीय गायन में प्रयोग किया जाता है।