Correct option is B
परिचय
उपजीव्य का अर्थ उस मूल ग्रन्थ से है, जिसकी कथावस्तु या कथानक को आधार बनाकर कोई परवर्ती कवि अपनी रचना करता है। यहाँ यह देखा गया है कि कौन-सी रचनाएँ
वाल्मीकि रामायण की कथा पर आधारित हैं।
व्याख्या
2. सेतुबन्धस्य (सही) ·
ग्रंथ:
सेतुबन्ध (या रावणवधम्)
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रचनाकार:
प्रवरसेन द्वितीय (वाकाटक वंश के शासक)
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भाषा: यह काव्य
प्राकृत भाषा के
महाराष्ट्र भेद में लिखा गया है।
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उपजीव्य: इसकी कथावस्तु रामायण के
किष्किन्धाकाण्ड से लेकर
युद्धकाण्ड तक की है, जिसमें राम द्वारा सेतु निर्माण और रावण वध की कथा प्रमुख है।
3. भट्टिकाव्यस्य (सही) ·
ग्रंथ:
भट्टिकाव्य (या रावणवधम्)
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रचनाकार:
भट्टि
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उद्देश्य: यह काव्य
व्याकरण और
अलंकार के नियमों को उदाहरणों के माध्यम से सिद्ध करने के लिए लिखा गया था (
शास्त्रकाव्य)।
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उपजीव्य: इसकी कथावस्तु भी पूरी तरह से
रामायण पर आधारित है, जिसमें रावण वध तक की कथा का वर्णन किया गया है।
रोचक तथ्य
1. नैषधीयचरितस्य (गलत) ·
ग्रंथ:
नैषधीयचरितम्
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रचनाकार:
श्रीहर्ष
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उपजीव्य: इसकी कथा का मूल स्रोत
महाभारत के
वन पर्व में वर्णित
नल-दमयन्ती की कथा है। इसका रामायण से कोई सीधा संबंध नहीं है।
4. दूतवाक्यस्य (गलत) ·
ग्रंथ:
दूतवाक्यम् (एकांकी नाटक)
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रचनाकार:
भास (इनके 'रूपक-चक्र' के 13 नाटकों में से एक)
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उपजीव्य: इसकी कथा का मूल स्रोत
महाभारत का
उद्योग पर्व है, जिसमें कृष्ण पांडवों के दूत बनकर दुर्योधन की सभा में जाते हैं। इसका रामायण से कोई सीधा संबंध नहीं है।