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Prelims Specific Articles- 5 August 2021 (Hindi)

एमपीलैड योजना

Prelims Specific Articles- 5 August 2021 (Hindi)_30.1

http://bit.ly/2MNvT1m

प्रसंग

  • वित्त संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 2020-21 में जारी एमपीलैड (एमपीलैड्स) परियोजनाओं को पूर्ण करने हेतु आवंटित ₹2,200 करोड़ में से लगभग आधा ऐसे ही व्यपगत हो गया।
  • यह मुख्य रूप से इसलिए हुआ क्योंकि वित्त मंत्रालय ने सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) को निधि जारी करने के लिए “मात्र एक सप्ताह” का समय दिया था।
    • कोविड-19 महामारी के कारण एमपीलैड निधि योजना वर्तमान में निलंबित है और संवितरित धनराशि पूर्व में आवंटित की गई थी।

एमपीलैड योजना के बारे में मुख्य बातें

  • एमपीलैड के बारे में: सांसद (संसद सदस्य) स्थानीय क्षेत्र विकास योजना या एमपीलैड योजना 1993 में प्रतिपादित की गई थी।
    • यह संसद सदस्यों (सांसदों) को स्थानीय स्तर पर अनुभव की गई आवश्यकता के आधार पर स्थायी सामुदायिक परिसंपत्ति के निर्माण पर बल देने के साथ अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों की सिफारिश करने में सक्षम बनाता है।
    • यह केंद्र सरकार की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
  • कार्यान्वयन मंत्रालय: 1994 से, एमपीलैड योजना सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
    • प्रारंभ में, यह ग्रामीण विकास और योजना मंत्रालय के नियंत्रण में था।
  • वित्त पोषण: प्रत्येक सांसद को वार्षिक आधार पर 5 करोड़ रुपये की दो किस्तों में 5 करोड़ रुपये प्रदान किए जाते हैं और एमपीलैड्स के तहत ये धनराशि व्यपगत नहीं होती है।
  • परियोजनाओं का कार्यान्वयन
    • लोकसभा सांसदों को अपने लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में जिला प्राधिकारियों को परियोजनाओं की संस्तुति करनी होती है।
    • राज्यसभा सांसद: द्वारा इसे उस राज्य में व्यय करना होगा जिसने उन्हें सदन के लिए निर्वाचित किया है।
    • मनोनीत सांसद: देश में कहीं भी परियोजनाओं/कार्यों की संस्तुति कर सकते हैं।

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अतिरिक्त सूचना:

  • संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड्स) के संबंध में दिशा निर्देश: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जून 2016 में प्रकाशित किया गया।
    • इसमें कहा गया है कि एमपीलैड निधि का उपयोग स्वच्छ भारत अभियान, एक्सेसिबल इंडिया कैंपेन (सुगम्य भारत अभियान), वर्षा जल संचयन के माध्यम से जल संरक्षण और सांसद आदर्श ग्राम योजना आदि जैसी योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए भी किया जा सकता है।

 

 

आईएनएस विक्रांत: प्रथम स्वदेशी विमान वाहक

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प्रसंग

  • हाल ही में, भारत के प्रथम स्वदेशी विमानवाहक पोत (आईएसी) विक्रांत, जो देश में निर्मित होने वाले सर्वाधिक विशाल एवं सर्वाधिक जटिल युद्धपोत हैं, विक्रांत ने अपना समुद्री परीक्षण आरंभ किया है।
  • इसने भारत को उन चुनिंदा देशों के समूह में स्थापित किया जिनके पास अत्याधुनिक विमान वाहक पोत बनाने की क्षमता है।

आईएनएस विक्रांत के बारे में मुख्य बातें

  • इसका नाम भारतीय नौसेना के सेवा मुक्त प्रथम पोत के नाम पर विक्रांत रखा गया है।
  • भारत के आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा: चूंकि यह भारत का प्रथम स्वदेशी विमानवाहक पोत है जिसके 2022 में  क्रियाशील होने की संभावना है।
    • वर्तमान में, भारत के पास मात्र एक विमानवाहक पोत- रूसी मूल का आईएनएस विक्रमादित्य है।
  • यह मिग-29 के लड़ाकू जेट, कामोव-31 हेलीकाप्टरों, एमएच-60 आर बहु-भूमिका हेलीकाप्टरों का संचालन करेगा, और इसमें 2,300 से अधिक कक्ष हैं, जिन्हें लगभग 1700 व्यक्तियों के दल के लिए अभिकल्पित किया गया है, जिसमें महिला अधिकारियों को समायोजित करने के लिए विशेष कक्ष भी सम्मिलित हैं।
    • यान जनित हथियारों में बराक एलआर सैम एवं एके-630 सम्मिलित हैं, जबकि इसमें संवेदित्र (सेंसर) के रूप में एमएफ स्टार और रेन-40 एल 3 डी रडार हैं।
    • इसमें विमान संचालन को नियंत्रित करने के लिए रनवे का एक युग्म और ‘शॉर्ट टेक ऑफ बट अरेस्टेड रिकवरी‘  प्रणाली है।
  • निर्माण: इसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) द्वारा किया गया है।

 

विशेष आहरण अधिकार

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संदर्भ

  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के बोर्ड ऑफ गवर्नर ने आईएमएफ स्पेशल ड्राइंग राइट्स (एसडीआर) के 650 बिलियन डॉलर के आवंटन को स्वीकृति प्रदान की है, जो मौद्रिक भंडार का अब तक का सर्वाधिक वृहद वितरण है।

 

मुख्य बिंदु

  • इससे आईएमएफ के समस्त सदस्यों को,कोष के लिए दीर्घकालिक वैश्विक आवश्यकता को पूर्ण करने के अतिरिक्त, लाभ प्राप्त होगा।
  • यह विश्वास निर्माण भी करेगा एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था की समुत्थानशक्ति एवं स्थायित्व को भी प्रोत्साहित करेगा।
  • विशेष रूप से, उदीयमान एवं विकासशील देशों को कोरोना वायरस महामारी के आर्थिक परिणामों का मुकाबला करने के लिए एक नवीन अभिवर्धन प्रदान किया जाएगा।
  • अंतिम एसडीआर वितरण 2009 में हुआ था जब सदस्य देशों को वैश्विक वित्तीय संकट को मन्द करने में सहायता प्रदान करने के लिए एसडीआर कोष में 250 बिलियन डॉलर प्राप्त हुए थे।

 

अतिरिक्त सूचना

  • एसडीआर: यह एक अंतरराष्ट्रीय आरक्षित परिसंपत्ति है, जिसे आईएमएफ द्वारा 1969 में अपने सदस्य देशों के आधिकारिक भंडार के संपूरक हेतु निर्मित किया गया था।
    • एसडीआर का मूल्य पांच मुद्राओं की एक करंडक (टोकरी) पर आधारित है- अमेरिकी डॉलर, यूरो, चीनी रॅन्मिन्बी, जापानी येन और ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग।
    • यह न तो एक मुद्रा है और न ही आईएमएफ पर अधियाचना
    • यह आईएमएफ सदस्यों की स्वतंत्र रूप से प्रयोग करने योग्य मुद्राओं पर एक संभावित अधियाचना है और इन मुद्राओं के लिए एसडीआर का विनिमय किया जा सकता है।
    • आईएमएफ सदस्यों की मतदान शक्ति प्रत्यक्ष रूप से उनके नियतांश (कोटे) से संबद्ध होती है।

 

देश नियतांश (कोटा)
यूएस 17.47%
चीन 6.41%
भारत 2.75%

 

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भारत में फ्लेक्स ईंधन वाहन

 

संदर्भ

  • हाल ही में, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय ऑटो बाजार में एक वर्ष के भीतर फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (एफएफवी) के बहिर्वेल्लन (रोल-आउट) पर बल दिया।

 

मुख्य बिंदु

  • एफएफवी: ये उपांतरित (मॉडिफाइड) वाहन हैं जो पेट्रोल तथा इथेनॉल संमिश्रित पेट्रोल दोनों पर चल सकते हैं।
  • इसकी आवश्यकता क्यों है?
    • ऑटोमोबाइल परिदृश्य को परिवर्तित करना: सरकार जीवाश्म ईंधन के उपयोग में कमी लाने पर बल दे रही है। 20% एथेनॉल संमिश्रित पेट्रोल बी 2025 जैसे कार्यक्रमों को फ्लेक्स ईंधन वाहनों को रोल आउट करके बढ़ावा मिल सकता है।
    • निर्माता कंपनियों के लिए बदलती वास्तविकता के अनुकूल होना असंभव नहीं होगा क्योंकि फ्लेक्स ईंधन प्रौद्योगिकी पहले से मौजूद है, एवं ये बहु-ईंधन इंजन ब्राजील, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में उपलब्ध हैं।
    • ईंधन के बढ़ते मूल्य आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।

 

अतिरिक्त सूचना

  • वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी लाने हेतु किए गए सरकारी प्रयास:
    • वाहनों के लिए बीएस 3 से बीएस 4 इंजन में समोत्परिवर्तन।
    • इसी प्रकार बीएस 4 इंजन से बीएस 6 इंजन में प्लुतिकरण, वाहनों के लिए बीएस 5 इंजन का प्लुतिकरण
    • इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए फेम II नीति
  • एफएफवी किस प्रकार कार्य करता है?
    • एफएफवी में एक आंतरिक दहन इंजन होता है और यह पेट्रोल और पेट्रोल और इथेनॉल के किसी भी संमिश्रण पर 83% तक संचालन में सक्षम होता है।
    • एफएफवी के अधिकांश घटक वही होते हैं जो पारंपरिक, मात्र पेट्रोलियम-संचालित कार में पाए जाते हैं।
    • यद्यपि, कुछ विशिष्ट इथेनॉल-संगत घटकों की आवश्यकता होती है जैसे कि ईंधन पंप और ईंधन अन्तःक्षेपण प्रणाली में उपांतरण।
    • इथेनॉल की उच्च ऑक्सीजन मात्रा को समायोजित करने के लिए इंजन नियंत्रण प्रमात्रक/मॉड्यूल (ईसीएम) को भी अंशांकित किया जाता है।

 

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