एमएसएमई की परिभाषा का विस्तार: जानिए एमएसएमई के बारे में_00.1
UPSC Exam   »   एमएसएमई की परिभाषा का विस्तार: जानिए...

एमएसएमई की परिभाषा का विस्तार: जानिए एमएसएमई के बारे में

प्रासंगिकता

जीएस 3: भारतीय अर्थव्यवस्था और नियोजन, संचालन, संसाधन, वृद्धि, विकास और रोजगार से संबंधित मुद्दे।

 

संदर्भ

 

एमएसएमई मंत्रालय (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) ने एमएसएमई दिशानिर्देशों को संशोधित किया है और खुदरा और थोक व्यापारियों को एमएसएमई के ​​दायरे में शामिल किया है। पहले केवल विनिर्माण और सेवा उद्यमों को ही एमएसएमई माना जाता था

 

यह एक महत्वपूर्ण कदम क्यों है

 

  • यह व्यापारी संघों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी और समुदाय को अस्तित्व में बने रहने, पुनर्जीवित करने और फलने फूलने के लिए सहयोग देगी।
  • इससे व्यापारियों को आरबीआई के प्राथमिकता वाले क्षेत्र हेतु उपलब्ध ऋण का लाभ प्राप्त होगा।
  • इस निर्णय से देश के 2.5 करोड़ खुदरा और थोक व्यापारियों को लाभ प्राप्त होने की उम्मीद है।
  • यह उन्हें उद्यम पंजीकरण पोर्टल में स्वयं को पंजीकृत करने और मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की अनुमति प्रदान करेगा।

 

एमएसएमई का वर्गीकरण

 

सूक्ष्म लघु मध्यम
निवेश 1 करोड़ 10 करोड़ 50 करोड़
टर्नओवर 5 करोड़ 50 करोड़ 250 करोड़

एमएसएमई की परिभाषा का विस्तार: जानिए एमएसएमई के बारे में_50.1

भारतीय अर्थव्यवस्था में एमएसएमई क्षेत्र का महत्व

 

  • रोजगार प्रदाता: यह अनुमानतः 120 मिलियन लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। यह देश का दूसरा  सर्वाधिक बड़ा रोजगार उत्पन्न करने वाला क्षेत्र है, जो कृषि के पश्चात दूसरे स्थान पर है।
  • भारतीय अर्थव्यवस्था का मेरुदंड: हमारे देश में एमएसएमई क्षेत्र, व्यक्तियों के एक बड़े वर्ग को उद्यमशीलता का आधार प्रदान करने के अतिरिक्त, वैश्विक आर्थिक झटकों के विरुद्ध एक कवच के रूप में कार्य करता है।
  • ग्रामीण-शहरी प्रवास को नियंत्रित करता है: एक स्थिर और वृद्धिमान एमएसएमई क्षेत्र शहरी क्षेत्रों में आव्रजन को कम करता है, इस प्रकार इन क्षेत्रों में संसाधन दबाव को कम करता है।
  • सकल घरेलू उत्पाद और निर्यात: यह क्षेत्र विनिर्माण सकल घरेलू उत्पाद का 6.11% और सेवा क्षेत्र के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 25% और समग्र सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 9% योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, वे भारत के कुल निर्यात का लगभग 45% हिस्सा हैं।
  • समावेशी विकास: एमएसएमई राष्ट्रीय आय का समान वितरण सुनिश्चित करता है और क्षेत्रीय असंतुलन पर नियंत्रण रखता है। लगभग 20% एमएसएमई ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं, जो इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण ग्रामीण कार्यबल को इंगित करता है।

 

एमएसएमई के सामने चुनौतियां

 

  • वित्तीय संकट: यह अनुमान है कि 90% से अधिक एमएसएमई के ​​पास औपचारिक संस्थानों से ऋण सुविधाओं का अभाव है। वे साहूकारों जैसे अनौपचारिक संस्थाओं पर अधिक निर्भर होते हैं, जो अत्यधिक ब्याज दर वसूलते हैं।
  • बुनियादी ढांचे की कमी: यद्यपि एमएसएमई  तीव्र गति से विकास कर रहा है, किंतु, विद्युत, सड़क, कस्बों से संपर्क आदि जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी उनकी विकास क्षमता में बाधा बन रही है।
  • तकनीक का अभाव: वर्तमान में हम एक डिजिटल क्रांति के युग में हैं।  फिर भी, एमएसएमई तकनीकी प्रगति से पृथक रहते हैं और इसलिए उच्च पूंजी के साथ निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों का उत्पादन करते हैं।
  • कौशल विकास और प्रशिक्षण का अभाव: हमारे देश में एमएसएमई एक पारिवारिक व्यवसाय की भांति हैं। कौशल अगली पीढ़ी तक ले जाते हैं और प्रक्रिया चलती रहती है। समय के साथ, वर्तमान स्थिति के प्रति उनकी अनुकूलता चिंता का विषय बनी हुई है।
  • कुछ सरकारी कदमों का उर्मि प्रभाव: नोटबंदी, जीएसटी और कोविड-19 प्रेरित लॉकडाउन जैसे कदम,  यद्यपि उत्तम अभिप्राय के थे, ने एमएसएमई के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।

Improvement in Education: UDISE+ Report

 

आवश्यक कदम

 

  • संस्थागत ऋण तक अभिगम में सुधार: सरकार मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना और ईसीएलजीएस जैसे उपायों के माध्यम से इसमें तेजी ला रही है। इन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए गैर सरकारी संगठनों को सम्मिलित किया जाना चाहिए।
  • अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहन देना: अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ सामंजस्य स्थापित करने के लिए नवाचार आवश्यक हैं। इसके लिए सरकार के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। एस्पायर (ए स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ इनोवेशन, रूरल इंडस्ट्री एंड एंटरप्रेन्योरशिप) जैसी योजनाएं एक स्वागत योग्य कदम हैं।
  • विपणन क्षमता में सुधार: एमएसएमई के उत्पादों को वैश्विक बनाने की आवश्यकता है, जिसके लिए कौशल उन्नयन की आवश्यकता है। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए स्फूर्ति (पारंपरिक उद्योगों के पुनर्जनन के लिए कोष की योजना) जैसी योजनाओं को अच्छी तरह से लागू करने की आवश्यकता है।
  • इस क्षेत्र पर भार कम करने के लिए जीएसटी के तहत विशेष प्रावधान किए जाने चाहिए।
  • एमएसएमई द्वारा उत्पादित उत्पादों की गुणवत्ता में सुधारशून्य दोष शून्य-शून्य प्रभावयोजना अच्छी तरह से लागू किया जाना चाहिए।
  • एमएसएमई द्वारा उत्पादित उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करना: जीरो डिफेक्ट जीरो-जीरो इफेक्ट योजना को अच्छी तरह से लागू करने की  आवश्यकता है।

Sharing is caring!

×

Download success!

Thanks for downloading the guide. For similar guides, free study material, quizzes, videos and job alerts you can download the Adda247 app from play store.

Thank You, Your details have been submitted we will get back to you.

Was this page helpful?

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join India's largest learning destination

What You Will get ?

  • Job Alerts
  • Daily Quizzes
  • Subject-Wise Quizzes
  • Current Affairs
  • Previous year question papers
  • Doubt Solving session

Login

OR

Forgot Password?

Join India's largest learning destination

What You Will get ?

  • Job Alerts
  • Daily Quizzes
  • Subject-Wise Quizzes
  • Current Affairs
  • Previous year question papers
  • Doubt Solving session

Sign Up

OR
Join India's largest learning destination

What You Will get ?

  • Job Alerts
  • Daily Quizzes
  • Subject-Wise Quizzes
  • Current Affairs
  • Previous year question papers
  • Doubt Solving session

Forgot Password

Enter the email address associated with your account, and we'll email you an OTP to verify it's you.


Join India's largest learning destination

What You Will get ?

  • Job Alerts
  • Daily Quizzes
  • Subject-Wise Quizzes
  • Current Affairs
  • Previous year question papers
  • Doubt Solving session

Enter OTP

Please enter the OTP sent to
/6


Did not recive OTP?

Resend in 60s

Join India's largest learning destination

What You Will get ?

  • Job Alerts
  • Daily Quizzes
  • Subject-Wise Quizzes
  • Current Affairs
  • Previous year question papers
  • Doubt Solving session

Change Password



Join India's largest learning destination

What You Will get ?

  • Job Alerts
  • Daily Quizzes
  • Subject-Wise Quizzes
  • Current Affairs
  • Previous year question papers
  • Doubt Solving session

Almost there

Please enter your phone no. to proceed
+91

Join India's largest learning destination

What You Will get ?

  • Job Alerts
  • Daily Quizzes
  • Subject-Wise Quizzes
  • Current Affairs
  • Previous year question papers
  • Doubt Solving session

Enter OTP

Please enter the OTP sent to Edit Number


Did not recive OTP?

Resend 60

By skipping this step you will not recieve any free content avalaible on adda247, also you will miss onto notification and job alerts

Are you sure you want to skip this step?

By skipping this step you will not recieve any free content avalaible on adda247, also you will miss onto notification and job alerts

Are you sure you want to skip this step?