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श्रम संहिता: सामाजिक सुरक्षा पर संहिता, 2020

हम पहले ही मजदूरी संहिता एवं औद्योगिक संबंध संहिता को समाविष्ट कर चुके हैं। इस लेख में, हम सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताओं पर चर्चा करेंगे।

  • संहिता में कहा गया है कि केंद्र सरकार संहिता को किसी भी प्रतिष्ठान में लागू कर सकती है (आकार-सीमा के अधीन, जैसा कि अधिसूचित किया जा सकता है)।

असंगठित कर्मकार, गिग कर्मकार एवं प्लेटफार्म पर कार्य करने वाले कर्मकार।

  • संहिता सभी तीन श्रेणियों के कर्मकारों – असंगठित कर्मकारों, गिग कर्मकारों एवं प्लेटफार्म पर कार्य करने वाले कर्मकारों के पंजीकरण का प्रावधान करती है।
  • यह असंगठित कर्मकारों, गिग कर्मकारों एवं प्लेटफार्म पर कार्य करने वाले कर्मकारों के लिए निम्नलिखित परिवर्तन करता है:
    • केंद्र सरकार एक सामाजिक सुरक्षा कोष स्थापित करेगी।
    • इसके अतिरिक्त, राज्य सरकारें असंगठित कर्मकारों के लिए पृथक सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना और प्रशासन भी करेंगी।
    • गिग कर्मकार पारंपरिक नियोक्ता-कर्मचारी संबंधों से परे के श्रमिकों को संदर्भित करते हैं। उदाहरण- फ्रीलांसर (स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाले)।
    • प्लेटफ़ॉर्म कर्मकार वे हैं जो ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से संगठनों या व्यक्तियों तक अधिगम प्राप्त करते हैं और सेवाएँ प्रदान करते हैं अथवा विशिष्ट समस्याओं का समाधान करते हैं। उदाहरण- उबर (सवारी आधारित); जोमैटो (आहार आधारित) इत्यादि।
    • गिग कर्मकारों एवं प्लेटफॉर्म कर्मकारों हेतु राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा

 

राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड

  • यह असंगठित कर्मकारों, गिग कर्मकारों एवं प्लेटफॉर्म कर्मकारों के कल्याण के लिए बोर्ड के रूप में कार्य करेगा।
  • यह गिग कर्मकारों एवं प्लेटफॉर्म कर्मकारों के लिए योजनाओं की संस्तुति एवं अनुश्रवण भी कर सकता है।
  • बोर्ड में सदस्यों के एक पृथक समूह से संघटित होगा, जिसमें सम्मिलित होंगे:
    • केंद्र सरकार द्वारा नामित समूहकों (एग्रीगेटर्स) के पांच प्रतिनिधि,
    • केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत गिग कर्मकारों एवं प्लेटफॉर्म कर्मकारों के पांच प्रतिनिधि
    • ईएसआईसी के महानिदेशक, तथा
    • राज्य सरकारों के पांच प्रतिनिधि
  • गिग कर्मकारों एवं प्लेटफॉर्म कर्मकारों के लिए योजनाओं को केंद्र सरकार, राज्य सरकारों तथा समूहकों के योगदान के संयोजन के माध्यम से वित्त पोषित किया जा सकता है।

समूहक (एग्रीगेटर)

  • संहिता की अनुसूची 7 में समूहकों की नौ श्रेणियां हैं, जिनमें सवारी साझा सेवाएं, भोजन एवं किराना वितरण सेवाएं, विषयवस्तु एवं मीडिया सेवाएं तथा ई- व्यापार स्थल सम्मिलित हैं।
  • इस प्रकार के समूहक से कोई भी योगदान सरकार द्वारा अधिसूचित दर पर हो सकता है जो समूहकों के वार्षिक कारोबार के 1-2% के मध्य हो।
  • यद्यपि, इस तरह का योगदान गिग कर्मकारों एवं प्लेटफॉर्म कर्मकारों को समूहक द्वारा भुगतान अथवा देय राशि के 5% से अधिक नहीं हो सकता है।

 

कुछ परिभाषाओं का विस्तार

  • कर्मकारोंमें अब ठेकेदारों के माध्यम से नियोजित कर्मकार भी सम्मिलित हैं।
  • अंतर-राज्य प्रवासी कर्मकारों में अब दूसरे राज्य के स्व-नियोजित कर्मकार भी सम्मिलित हैं,
  • प्लेटफ़ॉर्म कर्मकार” में सेवाओं अथवा गतिविधियों की अतिरिक्त श्रेणियां भी हैं, जैसा सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाएगा
  • श्रव्य-दृश्य प्रस्तुतियों में फिल्में, वेब-आधारित धारावाहिक, टॉक शो, रियलिटी शो एवं खेल कार्यक्रम भी सम्मिलित हैं,  तथा
  • संहिता क्रियाशील पत्रकारों के लिए उपादान (ग्रेच्युटी) की अवधि को पांच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष करती है।

 

अपील

  • भविष्य निधि जैसे विषयों के संबंध में अधिकृत अधिकारियों द्वारा पारित निर्णयों के विरुद्ध एक पीड़ित पक्ष पुनर्विचार हेतु याचिका दायर नहीं कर सकता है।

 

अपराध एवं दंड

  • एक निरीक्षक को उसके कर्तव्यों के निर्वहन करने से रोकने हेतु अधिकतम कारावास की अवधि छह माह की है।
  • इसी तरह, कर्मकारों के वेतन से नियोक्ता के योगदान को गैरकानूनी रूप से काटने के लिए जुर्माना 50,000 रुपये का अर्थदंड है।

 

असंगठित कर्मकारों के लिए बोर्ड की संरचना

  • असंगठित कर्मकारों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के 42 सदस्यों में से में केंद्र सरकार 10 सदस्य हैं

 

महामारी के दौरान अतिरिक्त शक्तियां

  • केंद्र सरकार किसी महामारी, स्थानिक रोग अथवा राष्ट्रीय आपदा की स्थिति में नियोक्ता या कर्मचारी के योगदान (पीएफ एवं ईएसआई के अंतर्गत) को तीन माह तक के लिए स्थगित या कम कर सकती है।

 

 

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