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Important Prelims Articles (Hindi) – 12 July 2021

 

मिलेनियम टेक्नोलॉजी पुरस्कार

 

प्रसंग

  •         शंकर बालासुब्रमण्यम और डेविड क्लेनरमैन को “क्रांतिकारी डीएनए अनुक्रमण तकनीकों के विकास के लिए” 2020 मिलेनियम टेक्नोलॉजी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

o   यह प्रथम बार है कि एक ही नवाचार के लिए एक से अधिक प्राप्तकर्ता को सम्मान प्रदान किया गया है।

 

सोलेक्सा-इलुमिना नेक्स्ट जेनरेशन डीएनए सीक्वेंसिंग (एनजीएस) तकनीक के बारे में

  • उपरोक्त दोनों द्वारा सह-आविष्कार किया गया।
  •         यह तीव्रपरिशुद्ध, न्यून लागत और व्यापक स्तर पर जीनोम को किसी जीव के प्रतिपूर्ति के पूर्ण डीएनए अनुक्रम को निर्धारित करने की प्रक्रिया को सक्षम बनाता है।
  •         एक मिलियन से अधिक आधार युग्मों को अनुक्रमित किया जा सकता है, जो सैकड़ों जीनों या यहां तक ​​कि किसी जीव के पूरे जीनोम में रूपांतरण करता है।
  •         अनुप्रयोग: कोविड-19 या कैंसर जैसी प्राणघातक रोगों से लड़ने में सहायता करेगा, फसल के रोगों को बेहतर तरीके से समझेगा एवं फसल उत्पादन में वृद्धि लाएगा।
  •         इसने मानव जीनोम की प्रथम अनुक्रमण की तुलना में गति और लागत में दस लाख गुना सुधार की अनुमति प्रदान की है।

 

मिलेनियम टेक्नोलॉजी पुरस्कार के बारे में

  •         2004 में प्रारंभ, यहटेक्नोलॉजी एकेडमी, फिनलैंड (टीएएफ) द्वारा स्थापित एक द्विवार्षिक पुरस्कार है।
  •         इसमें 21वीं सदी का दृष्टिकोण है, जिसमें नवाचार पर विशेष बल दिया गया है। इसमें 1 मिलियन यूरो का नकद पुरस्कार है।
  •         प्रथम विजेता: 2004 में सर टिम बर्नर्स-ली को वर्ल्ड वाइड वेब की खोज के लिए सम्मानित किया गया था।
  •         अब तक ग्यारह पुरस्कार विजेताओं में से तीन ने बाद में नोबेल पुरस्कार जीते हैं।

 

 कोया जनजाति

 

प्रसंग

  •         कोया जनजाति भूमि पांडुगा समारोह के एक भाग के रूप में शिकार करने जाते हैं, जोप्रत्येक वर्ष कृषि कार्यों के आरंभ का प्रतीक है।
  •         भूमि पांडुगाउत्सव:   जनजातीय निवासीप्रत्येक सुबह अपने धनुष-बाण के साथ वनों में शिकार के लिए तैयार हो जाते हैं। प्रत्येक शाम एक दावत के दौरान गांव के समस्त परिवारों के मध्य समान रूप से शिकार का वितरण किया जाता है।
  •         गोदावरी नदी पर पोलावरम सिंचाई परियोजना: उनकी बस्ती को खतरा है और सरकार उन्हें पुनर्वास कॉलोनियों में स्थानांतरित करने की तैयारी कर रही है।
  •         गोदावरी नदी पर पोलावरम सिंचाई परियोजना: उनके वास स्थान के लिए संकट उत्पन्न कर रही है और सरकार उन्हें पुनर्वास कॉलोनियों में स्थानांतरित करने की तैयारी कर रही है।

o   इसके परिणामस्वरूप पूर्वी गोदावरी जिले के कोया जनजातियों को उनके पैतृक आवास से निष्क्रमित कर दिया जाएगा क्योंकि गोदावरी के पश्चजल में वृद्धि के कारण उनके गांव जलमग्न होने लगे हैं।

 

कोया जनजाति के बारे में

  •         वास स्थान: वे गोदावरी नदी के दोनों किनारों पर वनों, मैदानों और घाटियों में निवास करते हैं, जो मध्य भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में स्थित है। कई अन्य मध्य प्रदेश और उड़ीसा राज्यों में भी निवास करते हैं।
  •         मान्यता: उनका मानना ​​है कि उनके मुख्य देवता अभी भी बस्तर क्षेत्र की एक गुफा में निवास करते हैं। कोया पौराणिक कथाओं के अनुसार, जीवन की उत्पत्ति जल से हुई है।
  •         भाषा: कोया भाषा, जिसे कोयी भी कहा जाता है, गोंडी से निकटता से संबंधित है और तेलुगु से अत्यधिक प्रभावित रही है। कोया के अतिरिक्त अधिकांश कोया या तो गोंडी या तेलुगु बोलियां बोलते हैं।
  •         कोया जनजातियों की चिंताएँ:

o   सरकार द्वारा आरक्षित वनों के उपयोग और शराब के आसवन पर प्रतिबंध आरोपित किया जाना।

o   वे जलविद्युत परियोजनाओं और अपनी भूमि में शरणार्थियों के पुनर्वास से भी क्षुब्ध हैं।

 

अतिरिक्त सूचना 

  •         सम्मक्का-सरक्का/सरलम्मा जतारा उत्सव: तेलंगाना और समीपवर्ती राज्यों के वनवासी कोया जनजाति द्वारा आयोजित किया जाता है। इसे मेदारम जतारा उत्सव के नाम से भी जाना जाता है।

o   यह एशिया का सर्वाधिक वृहद जनजातीय त्योहार है जिसमें औसतन एक करोड़ व्यक्ति सम्मिलित होते हैं।

o   यह जुड़वां देवी सम्मक्का और उनकी पुत्री सरक्का को सम्मानित करने के लिए द्विवार्षिक रूप से आयोजित किया जाता है।

o  मिथक के अनुसार यह सम्मक्का का अभिशाप था जिसके कारण काकतीय शासन का क्रमिक पतन और मृत्यु हुई।

o   जात्रा वारंगल जिले के तड़वाई मंडल के मेदारम से आरंभ होती है।

 

Important Prelims Articles (Hindi) – 12 July 2021_40.1

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इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक

 

प्रसंग

यह जीआईएस समर्थित भूमि बैंक पोर्टल लोकप्रियता अर्जित कर रहा है और अप्रैल 2021 से पृष्ठ दृश्यों की संख्या के संबंध में 30% की उछाल देखी गई है।

 

मुख्य बिंदु

यह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय  के, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की एक पहल है।

इसे राज्य जीआईएस प्रणालियों  के साथ औद्योगिक सूचना प्रणाली (आईआईएस) को एकीकृत करके विकसित किया गया है।

यह औद्योगिक आधारिक अवसंरचना से संबंधित  सूचनाओं जैसे अनुयोजकता, आधारिक अवसंरचना, प्राकृतिक संसाधनों, अन्य  व्यक्तियों के मध्य रिक्त भूखंडों की सूचना के  एकल-बिंदु निक्षेपागार के रूप में कार्य करता है।

प्रणाली, अब तक, 17 राज्यों के उद्योग आधारित जीआईएस सिस्टम के साथ एकीकृत है, जो सद्य अनुक्रिया के आधार पर अद्यतन किए जाते हैं।

यह दिसंबर 2021 तक अखिल भारतीय एकीकरण प्राप्त कर लेगा

वर्तमान में, भूमि बैंक के पास 5.5 लाख हेक्टेयर भूमि के क्षेत्र में लगभग 4,000 औद्योगिक पार्क हैं।

 

Important Prelims Articles (Hindi) – 9 July 2021

हिमालयी याक

 

संदर्भ

याक पर राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र (एनआरसीवाई) और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड,  हिमालयी याक को अनेक संकटों के विरुद्ध  बीमित करने के लिए एक साथ आए, जिनमें सर्वाधिक प्रमुख जलवायु परिवर्तन था।

 

मुख्य बिंदु

ये उच्च तुंगता वाले याक जलवायु परिवर्तन के कारण उच्च जोखिम का सामना कर रहे हैं।

अकस्मात एवं निरंतर होने वाले मौसमी परिवर्तन  इनकी जनसंख्या में कमी का एक महत्वपूर्ण कारण  बन गए हैं।

2019 में, सिक्किम में भीषण वर्षा के कारण करीब 500 याक की मृत्यु हो गई थी।

एक रिपोर्ट के अनुसार,याक की आबादी में  2012 और 2019 के मध्य 24.7% की कमी आई है

बीमा पॉलिसी याक पालन करने वाले समुदाय को याक की मृत्यु के कारण होने वाली वित्तीय हानि को कम करने में सहायता करेगी ।

इस नीति के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए, याक मालिकों को अपने याक के कान को नत्थी करना होगा एवं अपने याक का उचित विवरण प्रदान करना होगा।

इस राशि का दावा करने के लिए विचारण अवधि 15 दिनों की होगी।

 

अतिरिक्त सूचना 

हिमालयी याक वर्तमान में हमारे देश के उत्तर, उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी भागों में पाले जाते हैं।

ये याक आईयूसीएन की लाल सूची के वल्नरेबल श्रेणी के अंतर्गत आते हैं।

उन्हें  वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची II में रखा गया है ।

वे -40 डिग्री सेल्सियस तक जीवित रह सकते हैं, किंतु 13 डिग्री सेल्सियस के पश्चात वे अस्तित्व के  संकट का सामना करते हैं।

 

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