Important Prelims Articles- 19 July 2021 (Hindi)_00.1
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Important Prelims Articles- 19 July 2021 (Hindi)

स्पाइवेयर पेगासस

Important Prelims Articles- 19 July 2021 (Hindi)_50.1

 

http://bit.ly/2MNvT1m

 

प्रसंग

  • निगरानी के लिए संभावित लक्ष्यों की हाल ही में रहस्योद्घाटित सूची से ज्ञात होता है कि अनेक भारतीय पत्रकारों, राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों की एक अज्ञात संस्था द्वारा पेगासस सॉफ्टवेयर का उपयोग करके सफलतापूर्वक जासूसी की गई थी।

प्रमुख बिंदु

  • पृष्ठभूमि: 2019 में, व्हाट्सएप ने द्वेषपूर्ण कूट का अभिनिर्धारण पेगासस के रूप में किया, जो एक इजरायली कंपनी, एनएसओ द्वारा विकसित एक स्पाइवेयर है।
    • यह उपयोगकर्ताओं के फोन में द्वेषपूर्ण कूट स्थापित करने के लिए ऐप के कॉल फ़ंक्शन का उपयोग करता है।
    • स्पाइवेयर पेगासस प्रकट रूप से एनएसओ समूह द्वारा संपूर्ण विश्व में सरकारों को बेचा जाता है।
    • इसका उपयोग एंड्रॉइड और आईओएस सिस्टम पर संचालित होने वाले फोन पर जासूसी करने के लिए किया जा सकता है।
  • पेगासस आपके फोन में किस प्रकार प्रवेश करता है?
    • इस कूट को लक्ष्य फोन पर व्हाट्सएप कॉल कर प्रसारित किया जाता है। कॉल के अनुत्तरित रहने पर भी कूट फोन में प्रवेश कर जाता है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, उस कॉल का अभिलेख विलेखित हो जाता है।
    • पेगासस स्पाइवेयर के वितरण के अन्य माध्यमों में संकटपूर्ण एसएमएस सम्मिलित हैं जो लक्ष्यों को एक लिंक पर क्लिक करने के लिए  प्रेरित करते हैं।
  • पेगासस अपने पीड़ितों का समुपयोजन किस प्रकार करता है?
    • यह पीड़ित के फोन को अपने नियंत्रण में ले लेता है और स्पाइवेयर का नियंत्रक पीड़ित के संपर्क, कार्यानुसूची अनुवृत्तों, फोन कॉल और संदेशों को व्हाट्सएप तथा टेलीग्राम जैसे संचार ऐप पर भेज सकता है।
    • एंटी-मैलवेयर सेवा कास्परस्की के अनुसार, यह कूट लेखन की पेशकश करने वाली सेवाओं से भी संदेशों की चोरी कर सकता है क्योंकि यह कूट लेखन प्रक्रिया के पूर्व से ही संदेशों को प्राप्त कर रहा था।
    • नियंत्रक फ़ोन को, इसके कैमरे या माइक्रोफ़ोन को चालू करके एक जासूसी उपकरण में भी परिवर्तित कर सकता है।

अतिरिक्त सूचना

  • स्पाइवेयर: स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर की एक श्रेणी को प्रदान किया गया एक पद है जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत अथवा संगठनात्मक सूचनाओं की चोरी करना है। यह उपयोगकर्ता की यथोचित अनुमति के बिना, कभी-कभी गुप्त रूप से भी कार्यों के एक समुच्चय का संपादन करके किया जाता है।
    • इसे आम तौर पर एडवेयर, ट्रैकिंग कुकीज, सिस्टम मॉनिटर और ट्रोजन में वर्गीकृत किया जाता है।
    • स्पाइवेयर के लिए कंप्यूटर में प्रवेश करने का सर्वाधिक सामान्य तरीका फ्रीवेयर और शेयरवेयर के माध्यम से एक गुप्त घटक के बंडल के रूप में है।

https://www.adda247.com/upsc-exam/important-prelims-articles-17th-july-2021-hindi/

 

ग्रेट बैरियर रीफ

 

प्रसंग

  • चीन ने हाल ही में इन आरोपों का खंडन किया है कि उसने बृहद प्रवाल भित्ति (ग्रेट बैरियर रीफ) को यूनेस्को की ‘संकटग्रस्त’ सूची में सम्मिलित करने हेतु दबाव डाला है।
  • इससे पूर्व, यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति ने संस्तुति की है कि ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ को “संकटग्रस्त” विश्व धरोहर स्थलों की सूची में समाविष्ट किया जाना चाहिए।
    • इसके अध्यक्ष चीन के उप शिक्षा मंत्री हैं।

प्रमुख बिंदु

  • ग्रेट बैरियर रीफ के बारे में: यह विश्व का सर्वाधिक बृहद एवं भव्य प्रवाल भित्ति पारिस्थितिकी तंत्र है जो 2,900 से अधिक विशिष्ट भित्तियों तथा 900 द्वीपों से निर्मित है।
    • इसके विशाल आकार के कारण इसे बाह्य अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है।
    • अवस्थिति: ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड के तट पर कोरल सागर (उत्तर-पूर्वी तट) में स्थित है।
    • इसे 1981 में यूनेस्को द्वारा “विश्व विरासत स्थल” का उपनाम प्रदान किया गया था।
    • यह सजीवों (प्रवाल पुर्वंगकों/पॉलीप्स के रूप में जाना जाता है) द्वारा निर्मित सर्वाधिक बृहद संरचना है।
  • इसे ‘संकटग्रस्तसूची में सम्मिलित करने की अनुशंसा करने का कारण
    • 1995 के पश्चात से मुख्यतः जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के कारण, इसने अपने आधे प्रवाल खो दिए हैं। गंभीर समुद्री उष्ण लहरों के कारण 2015 के पश्चात से इसे तीन प्रमुख विरंजन घटनाओं से बुरी तरह प्रभावित होना पड़ा है।
    • यह ऑस्ट्रेलिया की ‘रीफ 2050’ पहल के बावजूद घटित हुआ, जिसका उद्देश्य 2050 तक ग्रेट बैरियर रीफ की सुरक्षा और प्रबंधन करना है।
    • वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि इसका मुख्य कारण जीवाश्म ईंधन के दहन से उत्पन्न होने वाले वैश्विक तापन के कारण समुद्र के तापमान में वृद्धि होना है।
  • ‘संकटग्रस्तसूची के तहत रखने के अप्रत्यक्ष परिणाम
    • विरासत सूची से संभावित निष्कासन: “संकटग्रस्त” सूची में समाविष्ट करने को एक ऐसा कदम माना जाता है जो संभावित रूप से विश्व धरोहर स्थल के रूप में इसे अंततः निष्कासित करने की ओर अग्रसर कर सकता है।
    • रोजगार की हानि और आर्थिक प्रभाव: इसे ‘खतरे में’ सूची में रखने से प्रतिबंध आरोपित किए जाएंगे, जिससे फलते-फूलते पर्यटन उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जो रोजगार की हानि की ओर अग्रसर करेगा।

अतिरिक्त सूचना

  • संकटग्रस्तविश्व धरोहर स्थलों की सूची: इसे 1972 के विश्व विरासत अभिसमय के अनुच्छेद 11(4) के अनुसार अनुरक्षित रखा गया है।
    • उद्देश्य: सूची को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को उन स्थितियों के बारे में अवगत कराने और सुधारात्मक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए प्रारूपित किया गया है जो उन यथार्थ विशेषताओं के लिए खतरा हैं जिनके लिए एक संपत्ति को विश्व विरासत सूची में अंकित किया गया था।

 

 

https://www.adda247.com/upsc-exam/important-prelims-articles-15-july-hindi/

चीन की उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (ईटीएस)

प्रसंग

  • चीन ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से विश्व की सर्वाधिक वृहद कार्बन व्यापार प्रणाली प्रारंभ की।

प्रमुख बिंदु

  • हरितगृह गैसों का विश्व का सर्वाधिक वृहद उत्सर्जक चीन- 2060 तक अपनी अर्थव्यवस्था को अकार्बनीकृत करने का लक्ष्य रखता है।
  • ईटीएस प्रांतीय सरकारों के साथ  बृहद ऊर्जा कंपनियों के लिए प्रदूषण के स्तर को कम करने हेतु कार्य करता है।
  • ईटीएस ‘कैप-एंड-ट्रेड सिद्धांत’ पर आधारित है।
  • यह व्यापारिक कंपनियों को अल्प कार्बन उत्सर्जन वाले अन्य से प्रदूषण का अधिकार क्रय करने की भी अनुमति प्रदान करता है।
  • यह योजना, अपने प्रथम चरण में, मात्र विद्युत क्षेत्र को समाविष्ट करता है- क्षेत्र जो चीन के कुल उत्सर्जन के 30% के लिए उत्तरदायी है।
  • पारदर्शिता में सुधार के लिए, ईटीएस में सम्मिलित कंपनियों को अनिवार्य रूप से अपने प्रदूषण आंकड़ों को सार्वजनिक करने तथा तृतीय पक्ष को उत्सर्जन  अभिलेख के लेखा परीक्षा के लिए आमंत्रित करने की आवश्यकता है।

अतिरिक्त सूचना

  • प्रथम ईटीएस 1955 में कैलिफोर्निया, अमेरिका में अम्ल वर्षा को कम करने के लिए शुरू किया गया था। इसने वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी की।
  • गुजरात ईटीएस आरंभ करने वाला भारत का प्रथम राज्य है। विशेष रूप से, यह पहल कणिकीय पदार्थों के लिए विश्व का प्रथम ईटीएस है।
  • यूरोपीय संघ ने हाल ही में अपनी उत्सर्जन व्यापार प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए फिट फॉर 55 योजना आरंभ की है।

 

 

किसान सारथी

 

प्रसंग

  • यह कृषि और कृषक कल्याण मंत्रालय (एमओए एंड एफडब्ल्यू) और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) द्वारा संयुक्त रूप से विमोचित किया गया एक डिजिटल मंच है।

प्रमुख बिंदु

  • इसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के स्थापना दिवस पर विमोचित किया गया है।
  • इससे कृषकों को उनकी वांछित भाषा में ‘ उचित समय पर  उचित सूचना’ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
  • यह कृषकों को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के संबंधित वैज्ञानिकों से कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर व्यक्तिगत परामर्श प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगा।
  • यह हमारे कृषि विस्तार कार्यक्रमों के लिए काफी सीमा तक मूल्यवर्धन हो सकता है।

अतिरिक्त सूचना

  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
  • केवीके: ये राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली (एनएआरएस) का एक अभिन्न अंग हैं,
    • मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन, परिष्करण एवं प्रमाणीकरण के माध्यम से कृषि और संबद्ध उद्यमों में स्थान विशिष्ट प्रौद्योगिकी मॉड्यूल का आकलन करना है।
    • केवीके जिले की कृषि अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए सार्वजनिक, निजी और स्वैच्छिक क्षेत्र की पहल का समर्थन करते हुए कृषि प्रौद्योगिकी के ज्ञान और संसाधन केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं।
    • प्रथम केवीके 1974 में पुडुचेरी में स्थापित किया गया था।
    • संपूर्ण भारत में कुल 722 केवीके हैं। (मई 2021 तक)।

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