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सुगमता 4.0 सुधार

प्रासंगिकता

  • जीएस 3: भारतीय अर्थव्यवस्था एवं नियोजन, संसाधनों का अभिनियोजन, वृद्धि, विकास एवं रोजगार से संबंधित मुद्दे।

 

प्रसंग

  • वित्त मंत्री ने 2021-22 के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) के सुधार एजेंडा ‘सुगमता 0’ के चौथे संस्करण- तकनीक-सक्षम, सरलीकृत एवं सहयोगी बैंकिंग का अनावरण किया।

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मुख्य बिंदु

  • सुगमता0 (एनहांस्ड एक्सेस एंड सर्विस एक्सीलेंस एजेंडा) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए एक सामान्य सुधार कार्यसूची है जिसका उद्देश्य स्वच्छ एवं स्मार्ट बैंकिंग को संस्थागत बनाना है।
  • फरवरी 2020 में सुगमता0 सुधार कार्य सूची के विमोचन के बाद से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने चार तिमाहियों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है।
  • सुगमता0 कार्य सूची के अनुसार, सभी बैंकों ने सामूहिक रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है एवं महामारी के दौरान सेवा प्रदान करने के बावजूद त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) से बाहर आए हैं।

 

सुगमता 3.0 एवं पुरस्कार

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सुगमता0 सूचकांक के आधार पर पीएसबी सुगमता 3.0 के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बैंकों का पुरस्कार जीता है।
  • इंडियन बैंक ने आधार रेखा निष्पादन में सर्वश्रेष्ठ सुधार हेतु पुरस्कार जीता
  • एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक तथा केनरा बैंक ने पीएसबी कार्य सूची सुगमता 0 सुधारों के विभिन्न विषय वस्तुओं (थीम) में शीर्ष पुरस्कार जीते।

 

निर्यात

  • बैंकों को निर्यात प्रोत्साहन परिषदों के साथ अंतः क्रिया करने के लिए कहा जा रहा है।
  • बैंकिंग का स्वरूप परिवर्तित हो रहा है एवं उद्योग के धन एकत्रित करने के मार्ग भी परिवर्तित हो रहे हैं।
    • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को प्रासंगिक बने रहने के लिए बदलते परिवेश के साथ तालमेल बिठाने की आवश्यकता है।
  • बैंकों को भारतीय निर्यातक संघ (फियो) के परिसंघ के साथ नियमित रूप से अंतः क्रिया करने का भी निर्देश दिया गया है ताकि निर्यातकों को विभिन्न बैंकरों के मध्य आवागमन न करना पड़े।

 

निधि संग्रह

  • बैंकिंग उद्योगों के पास बैंकिंग क्षेत्र के बाहर से भी धन एकत्रित करने का विकल्प है। इसके विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए हमें गहन अध्ययन की आवश्यकता है एवं इस प्रकार जहां आवश्यकता है वहां क्रेडिट को लक्षित करें।

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फिन-टेक

  • सूर्योदय क्षेत्रक (सनराइज सेक्टर) जैसे फिनटेक सेक्टर को बैंकों के समर्थन की आवश्यकता है। बदले में ये क्षेत्र तकनीकी प्रगति में बैंकों की सहायता कर सकते हैं।
  • वे दोनों इन क्षेत्रों को पर्याप्त समर्थन देकर एक साथ वृद्धि कर सकते हैं।

 

जिला प्रेरण

  • एक जिला, एक निर्यातकार्य सूची को आगे बढ़ाने के लिए बैंकों को राज्य सरकारों के साथकार्य करने के लिए भी प्रेरित किया गया है।

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