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‘द हिंदू’, ‘पीआईबी’, ‘इंडियन एक्सप्रेस’ एवं अन्य समाचार पत्रों का दैनिक सार: 19 जून, 2021

दैनिक समाचार सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को गति प्रदान करेंगे एवं ये समसामयिक विषयों को व्यापक रूप से समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां हमने राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, खेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी इत्यादि समेत विभिन्न श्रेणियों से संबंधित अधिकांश प्रसंगों को समाविष्ट किया है।

 

1. मिल्खा सिंह का निधन

समाचारों में क्यों है?

भारतीय ख्यातिलब्ध तेज़ धावक मिल्खा सिंह, 91, ने वायरस के साथ एक महीने की लंबी लड़ाई के बाद शुक्रवार (18 जून, 2021) की रात कोविड -19 जटिलताओं के बाद दम तोड़ दिया।

मुख्य बिंदु हैं:

– 1958 राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन एवं 1960 के रोम ओलंपियन को 20 मई को जांच में वायरस पॉजिटिव पाया गया था एवं उन्हें 24 मई को मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

– ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट के कारण 3 जून को पीजीआईएमईआर के नेहरू अस्पताल एक्सटेंशन में कोविड वार्ड में भर्ती होने से पूर्व श्री सिंह को 30 मई को छुट्टी दे दी गई थी।

– पूर्व भारतीय एथलीट को इस सप्ताह के आरंभ में गुरुवार को जांच में नेगेटिव पाया गया था एवं उन्हें मेडिकल आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया था।

– श्री सिंह, गोबिंदपुरा में पैदा हुए – वर्तमान पाकिस्तान में – 1958 में कार्डिफ़ में तत्कालीन ब्रिटिश साम्राज्य एवं राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीट थे।

– वह डिस्कस थ्रोअर कृष्णा पूनिया के दिल्ली में 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से पूर्व 50 से अधिक वर्षों तक एकमात्र बने रहे थे। श्री सिंह ने स्कॉटिश शहर में दक्षिण अफ्रीका के मैल्कम स्पेंस को 46.6 सेकेंड के समय से पराजित किया था।

– रोम में स्थापित श्री सिंह का 45.6 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय 1998 में परमजीत सिंह द्वारा तोड़ा गया था।

– श्री सिंह अपने पीछे तीन पुत्रियों – मोना सिंह, अलीज़ा ग्रोवर एवं सोनिया सांवल्का के साथ-साथ पुत्र जीव मिल्खा सिंह को छोड़ गए हैं।

– गोल्फर जीव, 14 बार के अंतरराष्ट्रीय विजेता, अपने पिता की भांति पद्मश्री पुरस्कार विजेता हैं एवं विगत माह से बड़ी बहन डॉ. मोना सिंह के साथ पीजीआईएमईआर में मेडिकल स्टाफ के साथ समन्वय कर रहे थे।

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2. भारत एवं भूटान के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

समाचारों में क्यों है?

भारत एवं भूटान ने आज पर्यावरण के क्षेत्र में दो देशों के मध्य सहयोग विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

मुख्य बिंदु हैं:

– भारत की ओर से पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर एवं भूटानी पक्ष की ओर से विदेश मंत्री एवं राष्ट्रीय पर्यावरण आयोग के अध्यक्ष ल्योनपो डॉ. टांडी दोरजी द्वारा समझौता ज्ञापन पर आभासी रूप से हस्ताक्षर किए गए।

– समझौता ज्ञापन जलवायु परिवर्तन, अपशिष्ट प्रबंधन आदि के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के नए परिदृश्यों को खोलेगा।

– समझौता ज्ञापन भारतीय एवं भूटानी साझेदारी एवं सहयोग में और वृद्धि करने तथा वायु प्रदूषण की रोकथाम, अपशिष्ट प्रबंधन, रासायनिक प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन आदि जैसे क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने का एक मंच है।

– यह पारस्परिक हित के क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की संभावना भी प्रदान करता है।

– समझौता ज्ञापन तकनीकी, वैज्ञानिक और प्रबंधन क्षमताओं को भी सशक्त करेगा एवं दोनों देशों के मध्य पारस्परिक रूप से लाभप्रद साझेदारी को प्रोत्साहन देने के लिए पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग के क्षेत्रों का विस्तार करेगा।

Daily Gist of ‘The Hindu’, ‘PIB’, ‘Indian Express’ and Other Newspapers: 19 June, 2021

 

3. भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) ने भारतीय चिकित्सा उपकरणों का प्रमाणन (आईसीएमईडी) प्लस योजना आरंभ की।

समाचारों में क्यों है?

क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) एवं एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैन्युफैक्चरर्स ऑफ मेडिकल डिवाइसेज (एआईएमईडी) ने “इंडियन सर्टिफिकेशन ऑफ मेडिकल डिवाइसेज प्लस (आईसीएमईडी) योजना” आरंभ की है।

मुख्य बिंदु हैं:

– आईसीएमईडी योजना में और सुविधाएं शामिल की गईं, जिसे 2016 में चिकित्सा उपकरणों के प्रमाणन के लिए प्रारंभ किया गया था। यह योजना चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं प्रभावकारिता का सत्यापन करेगी।

आईसीएमईडी 13485 योजना के बारे में:

– आईसीएमईडी योजना में और सुविधाएं शामिल की गईं, जिसे 2016 में चिकित्सा उपकरणों के प्रमाणन के लिए प्रारंभ किया गया था।

– यह योजना चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं प्रभावकारिता का सत्यापन करेगी।

– योजना को स्पष्ट उत्पाद मानकों एवं विनिर्देशों के संबंध में उत्पादों के साक्ष्य परीक्षण द्वारा गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली घटकों एवं उत्पाद संबंधी गुणवत्ता सत्यापन प्रक्रियाओं को एकीकृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

– यह विश्व भर में ऐसी प्रथम योजना है जिसमें गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली एवं उत्पाद प्रमाणन मानकों को नियामक आवश्यकताओं के साथ एकीकृत किया गया है।

– यह भारत में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र के लिए एक आद्योपान्त गुणवत्ता आश्वासन योजना होगी एवं उत्पाद की गुणवत्ता तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक अत्यंत आवश्यक संस्थागत तंत्र होगा।

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4. न्यूट्रिनो

समाचारों में क्यों है?

वैज्ञानिकों ने दर्शाया है कि अंतरिक्ष-समय की ज्यामिति न्यूट्रिनो को दोलित कर सकती है।

मुख्य बिंदु हैं:

न्यूट्रिनो के बारे में

– प्रथम बार 1959 में ज्ञात, न्यूट्रिनो फोटॉन या प्रकाश कण के पश्चात विश्व मेंद्वितीय सर्वाधिक प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कण हैं।

– न्यूट्रिनो रहस्यमय कण हैं, जो सूर्य, तारों एवं अन्य स्थानों पर नाभिकीय अभिक्रियाओं में विपुल मात्रा में उत्पन्न होते हैं।

– वे “दोलन” भी करते हैं – जिसका अर्थ है कि विभिन्न प्रकार के न्यूट्रिनो एक दूसरे में परिवर्तित भी हो जाते हैं।

– ब्रह्मांड की उत्पत्ति के अध्ययन में न्यूट्रिनो के दोलनों और द्रव्यमान के साथ उनके संबंधों का अन्वेषण महत्वपूर्ण है।

– न्यूट्रिनो सुपरनोवा के दौरान, ब्रह्मांडीय किरणों द्वारा परमाणुओं पर प्रहार इत्यादि; विभिन्न रेडियोधर्मी अपक्षयों द्वारा निर्मित होते हैं।

 

5. विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक 2021

समाचारों में क्यों है?

वर्ल्ड कॉम्पिटीटीवनेस ईयर बुक (WCY) के अनुसार, भारत ने वार्षिक विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में 43 वां स्थान बनाए रखा।

प्रमुख बिंदु हैं:

– विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक एक विशद वार्षिक रिपोर्ट एवं देशों की प्रतिस्पर्धात्मकता पर विश्वव्यापी संदर्भ बिंदु है।

– डब्ल्यूसीवाई द्वारा प्रकाशित: प्रथम बार 1989 में प्रकाशित हुआ था एवं प्रबंधन विकास संस्थान (आईएमडी) द्वारा संकलित किया गया है।

– 2021 में, आईएमडी ने विश्व भर की अर्थव्यवस्थाओं पर कोविड -19 के प्रभाव का परीक्षण किया।

– यह 64 अर्थव्यवस्थाओं का विशद समावेशन प्रदान करता है।

– भारत की क्षमता दूरसंचार (प्रथम), मोबाइल टेलीफोन लागत (प्रथम), आईसीटी सेवाओं के निर्यात (तृतीय), सेवा व्यवसायों में पारिश्रमिक (चतुर्थ) एवं व्यापार सूचकांक (पंचम) में निवेश में निहित है।

– भारत का प्रदर्शन उप-सूचकांकों जैसे ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर (64 वां), पार्टिकुलेट पॉल्यूशन (64 वां), मानव विकास सूचकांक (64 वां), प्रति व्यक्ति जीडीपी (63 वां) और प्रति व्यक्ति विदेशी मुद्रा भंडार (62 वां) आदि में सर्वाधिक खराब है ।

– शीर्ष प्रदर्शन करने वाली एशियाई अर्थव्यवस्थाएं, क्रमिक रूप से, सिंगापुर (5वें), हांगकांग (7वें), ताइवान (8वें) और चीन (16वें) हैं। 2020 विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में सिंगापुर प्रथम स्थान पर था।

– यूएई एवं यूएसए गत वर्ष की भांति ही अपने स्थान (क्रमशः 9वें एवं 10वें) पर बने हुए हैं।

– ब्रिक्स देशों में भारत चीन (16वें) के पश्चात द्वितीय (43वें), रूस (45वें), ब्राजील (57वें) एवं दक्षिण अफ्रीका (62वें) स्थान पर है।

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6. अंतर्देशीय पोत विधेयक 2021

समाचारों में क्यों है

हाल ही में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतर्देशीय पोत विधेयक, 2021 को  स्वीकृति प्रदान की, जो संसद में पारित होने के बाद अंतर्देशीय पोत अधिनियम, 1917 को प्रतिस्थापित करेगा। विधेयक अंतर्देशीय यानों की सुरक्षा, प्रतिभूति एवं पंजीकरण को विनियमित करेगा।

मुख्य बिंदु हैं:

– राज्यों द्वारा निर्मित अलग-अलग नियमों के बजाय विधेयक की एक प्रमुख विशेषता संपूर्ण देश के लिए एक एकीकृत विधान है।

– प्रस्तावित विधान के अंतर्गत प्रदान किया गया पंजीकरण प्रमाण पत्र सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में वैध माना जाएगा, तथा राज्यों से अलग से अनुमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।

– विधेयक इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल पर पोत, पोत पंजीकरण, चालक दल के विवरण अभिलेखित करने के लिए एक केंद्रीय डेटाबेस प्रदान करता है।

– समस्त गैर-यांत्रिक रूप से चालित जहाजों को भी जिला, तालुक या पंचायत अथवा ग्राम स्तर पर पंजीकृत करना होगा।

– यह केंद्र सरकार द्वारा घोषित ज्वारीय जल सीमा एवं राष्ट्रीय जलमार्गों को सम्मिलित करके ‘अंतर्देशीय जल’ की परिभाषा में वृद्धि करता है।

– यह अंतर्देशीय जहाजों के प्रदूषण नियंत्रण मापदण्डों से भी संबंधित है। यह विधेयक केंद्र सरकार को रसायनों, पदार्थों आदि की सूची को प्रदूषकों के रूप में अभिहित करने का निर्देश देता है।

‘द हिंदू’, ‘पीआईबी’, ‘इंडियन एक्सप्रेस’ एवं अन्य समाचार पत्रों का दैनिक सार: 18 जून, 2021

 

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