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परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन

प्रासंगिकता

  • जीएस 3: भारतीय अर्थव्यवस्था एवं योजना, संसाधनों का अभिनियोजन, वृद्धि, विकास एवं रोजगार से संबंधित मुद्दे।

 

प्रसंग

  • वित्त मंत्री ने नीति आयोग द्वारा विकसित केंद्रीय मंत्रालयों एवं सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन प्रारंभ की है।

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन का तात्पर्य

  • राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन उन ब्राउनफील्ड परिसंपत्तियों के बारे में है जहां निवेश पूर्व समय से ही किया जा रहा है,  किंतु ऐसी परिसंपत्तियां हैं जो या तो अल्प अथवा पूर्ण रूप से मुद्रीकृत अथवा अल्प उपयोग नहीं की गई हैं।
  • इन परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण किया जाएगा एवं प्राप्त राशि का उपयोग अग्रतर आधारिक अवसंरचनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।

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मुख्य बिंदु

  • केंद्रीय बजट 2021-22 में स्थायी अवसंरचना वित्तपोषण के लिए एक प्रमुख साधन के रूप में परिचालित सार्वजनिक अवसंरचना परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण का अभिनिर्धारण किया गया है।
  • राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) में गैर-प्रमुख संपत्तियों (जैसे भूमि, भवन, एवं शुद्ध गतिविधि अचल परिसंपत्ति संपत्ति) के विनिवेश एवं मुद्रीकरण के माध्यम से मुद्रीकरण को शामिल नहीं किया गया है।
  • चार वर्ष की अवधि, वित्त वर्ष 2022-2025 में एनएमपी के अंतर्गत कुल परिसंपत्ति पाइपलाइन का अनुमानित मूल्य 6.0 लाख करोड़ रुपये है।
  • अनुमानित मूल्य एनआईपी (नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन) के अंतर्गत केंद्र के लिए प्रस्तावित परिव्यय का 14% के तदनुरूप है।
  • सम्मिलित क्षेत्रों में सड़कें, बंदरगाह, हवाई अड्डे, रेलवे, गोदाम, गैस तथा उत्पाद पाइपलाइन,  विद्युत उत्पादन एवं पारेषण, खनन, दूरसंचार, स्टेडियम, आतिथ्य  तथा आवासन सम्मिलित हैं।
  • शीर्ष 5 क्षेत्र (अनुमानित मूल्य के अनुसार) कुल पाइपलाइन मूल्य का 83% हिस्सा प्रग्रहित करते हैं।
  • ये शीर्ष 5 क्षेत्र हैं:

 

क्षेत्र  भारांश
सड़कें 27%
रेलवे 25%
 ऊर्जा 15%
 तेल एवं गैस पाइपलाइन 8%
 दूरसंचार 6%

हबल अंतरिक्ष टेलीस्कोप

 

 क्षेत्र-वार वियोजन

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राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन के उद्देश्य

  • संबंधित मंत्रालयों एवं एजेंसियों के लिए एक मध्यम अवधि के रोडमैप के रूप में।
  • अवसंरचना परिसंपत्ति पाइपलाइन पर निवेशकों को मध्यम अवधि की दृश्यता प्रदान करने हेतु।
  • मंत्रालयों को परिसंपत्ति प्रदर्शन पर अनुपथन के लिए एक मंच भी प्रदान करना।
  • सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन में अधिक दक्षता एवं पारदर्शिता लाने हेतु।

 

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन के लाभ

  • यह भारत के आम नागरिक को उच्च गुणवत्ता एवं वहन योग्य आधारिक संरचना तक सार्वभौमिक अभिगम प्रदान करेगा।
  • इसका उद्देश्य नवीन आधारिक संरचना के निर्माण हेतु निजी क्षेत्र के निवेश का दोहन करना है।
  • यह रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा, जिसके परिणामस्वरूप उच्च आर्थिक विकास संभव होगा तथा समग्र लोक कल्याण के लिए ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों को समेकित रूप से एकीकृत किया जाएगा।

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FAQs

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन क्या है?

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन उन ब्राउनफील्ड परिसंपत्तियों के बारे में है जहां निवेश पूर्व समय से ही किया जा रहा है,  किंतु ऐसी परिसंपत्तियां हैं जो या तो अल्प अथवा पूर्ण रूप से मुद्रीकृत अथवा अल्प उपयोग नहीं की गई हैं।

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन की अनुमानित लागत क्या है?

चार वर्ष की अवधि, वित्त वर्ष 2022-2025 में एनएमपी के अंतर्गत कुल परिसंपत्ति पाइपलाइन का अनुमानित मूल्य 6.0 लाख करोड़ रुपये है।

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन के तहत शीर्ष 5 क्षेत्र कौन से हैं?

सम्मिलित क्षेत्रों में सड़कें, बंदरगाह, हवाई अड्डे, रेलवे, गोदाम, गैस तथा उत्पाद पाइपलाइन,  विद्युत उत्पादन एवं पारेषण, खनन, दूरसंचार, स्टेडियम, आतिथ्य  तथा आवासन सम्मिलित हैं।
शीर्ष 5 क्षेत्र (अनुमानित मूल्य के अनुसार) कुल पाइपलाइन मूल्य का 83% हिस्सा प्रग्रहित करते हैं।

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन किसके द्वारा विकसित की गई है?

वित्त मंत्री ने नीति आयोग द्वारा विकसित केंद्रीय मंत्रालयों एवं सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन प्रारंभ की है।

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