UPSC Exam   »   5जी तकनीक: वह सब जो आपके...

5जी तकनीक: वह सब जो आपके लिए जानना आवश्यक है

5जी तकनीक: वह सब जो आपके लिए जानना आवश्यक है

5जी तकनीक: वह सब जो आपके लिए जानना आवश्यक है_40.1http://bit.ly/2MNvT1m

 

 

प्रासंगिकता

  • जीएस 3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां; प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण एवं नवीन तकनीक विकसित करना।

 

प्रसंग

  • दूरसंचार कंपनियां दूरसंचार विभाग (डीओटी) से स्पेक्ट्रम के मूल्यों में कमी करने का आग्रह करती रही हैं।
  • कंपनियों ने यह भी चेतावनी दी है कि 5जी स्पेक्ट्रम के आधार मूल्य में कटौती के अभाव में, देश निकट भविष्य में तीसरी असफल नीलामी की ओर केंद्रीभूत हो सकता है।

 

5जी तकनीक क्या है?

  • 5जी अथवा पांचवीं पीढ़ी लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन ( एलटीई) मोबाइल ब्रॉडबैंड नेटवर्क में नवीनतम उन्नयन है। यह 3 बैंडों में कार्य करता है, अर्थात् निम्न, मध्य और उच्च आवृत्ति स्पेक्ट्रम – जिनमें से सभी के अपने उपयोग के साथ-साथ सीमाएं भी हैं।
  • निम्न बैंड स्पेक्ट्रम में अधिकतम गति 100 एमबीपीएस है। इसलिए, सेल फोन उपयोगकर्ता जिन्हें अत्यधिक उच्च गति वाले इंटरनेट की विशिष्ट मांग नहीं हो, इसका उपयोग किया जा सकता है और अधिष्ठापित किया जा सकता है,,  निम्न बैंड स्पेक्ट्रम उद्योग की विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए इष्टतम नहीं हो सकता है।
  • मध्य-बैंड स्पेक्ट्रम निम्न बैंड की तुलना में उच्च गति प्रदान करता है। यद्यपि, आवरित क्षेत्र और संकेतों के अंतर्वेधन के मामले में इसकी सीमाएँ हैं।
  • उच्च -बैंड स्पेक्ट्रम सभी तीन बैंडों में से उच्चतम गति प्रदान करता है,  किंतु इसमें अत्यंत सीमित व्याप्ति और संकेतों के अंतर्वेधन की शक्ति है।

 

https://www.adda247.com/upsc-exam/prelims-specific-articles-26-july-2021-hindi/

विकास क्रम

  • 1जी
    • 1 जी वायरलेस सेलुलर तकनीक की प्रथम पीढ़ी है, जो 1980 के दशक में आरंभ हुई थी। 1 जी मात्र वॉयस कॉल का समर्थन करता है।
    • 1जी तकनीक की अधिकतम गति 4 केबीपीएस है।

 

  • 2 जी
    • सेल फोन को अपना पहला प्रमुख उन्नयन-एनालॉग से डिजिटल संचार तक- तब प्राप्त हुआ जब उनकी तकनीक 1जी से 2जी हो गई।
    • 2 जी ने एसएमएस, चित्र संदेश और एमएमएस जैसी डेटा सेवाओं के अतिरिक्त कॉल और संदेश के कूट लेखन की शुरुआत की।
    • जनरल पैकेट रेडियो सेवा (जीपीआरएस) के साथ 2जी द्वारा प्रदान की जाने वाली अधिकतम गति 50 केबीपीएस है।

 

  • 3जी
    • तीव्र डेटा-संचार के आग्रह ने 3जी तकनीक को जन्म दिया। यहां, लोग अपने सेल फोन का उपयोग वीडियो कॉलिंग और मोबाइल इंटरनेट अधिगम(एक्सेस) के लिए कर सकते हैं।
    • “मोबाइल ब्रॉडबैंड” शब्दसर्वप्रथम इस तकनीक में लागू किया गया था।
    • 3जी की अधिकतम गति गतिहीन उपकरणों के लिए लगभग 2 एमबीपीएस और प्रगामी उपकरणों के लिए 384 केबीपीएस है।

 

  • 4जी
    • 3जी के समान समस्त सेवाएं प्रदान करने के अतिरिक्त, यह गेमिंग सेवाएं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, 3डी टीवी, एचडी मोबाइल और अन्य सुविधाएं भी प्रदान करता है जो उच्च गति की मांग करते हैं।
    • प्रगामी उपकरणों में 4जी नेटवर्क की अधिकतम गति 100 एमबीपीएस होती है, किन्तु अल्प प्रगामी संचार के लिए गति 1 जीबीपीएस होती है, जैसे कि जब कॉलर खड़ा हो या चल रहा हो।

https://www.adda247.com/upsc-exam/important-prelims-articles-24rth-july-2021-hindi/

महत्त्व

  • सभी उद्योगों में, सार्वजनिक क्षेत्र से लेकर व्यवसाय तक और बहुत कुछ, 5 जी वर्तमान 4 जी नेटवर्क से कुछ अधिक लाभ प्रदान करने का वादा करता है। उदाहरण के लिए, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), कृत्रिम प्रज्ञान, स्थूल आंकड़ों के प्रसंस्करण के लिए 4 जी की तुलना में अधिक गति की आवश्यकता होती है।
  • 5 जी के साथ, उपयोगकर्ता ऐसे नेटवर्क पर होने के बावजूद जुड़े रह सकते हैं जहां हजारों अन्य उपकरण बैंडविड्थ के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
  • 5 जी स्मार्ट मीटर, सेंसर, और अन्य तरीकों के माध्यम से जलापूर्ति, आधारिक संरचना जैसे मुद्दों को संबोधित करने पर धन की बचत कर सकता है।
  • 5 जी तकनीक के उपयोग से फिल्म निर्माण में आने वाली बाधाएं – भारी संख्या में कर्मचारियों, महंगेउपकरणों तथा बड़े आकार के बजट – दूर हो जाएंगी।
  • 5 जी कनेक्शन संवर्धित वास्तविकता, आभासी वास्तविकता जैसे दूरस्थ सहयोग अनुप्रयोगों को उपलब्ध, सुलभ और वहनयोग्य बना सकता है।
  • 5 जी प्रतिच्छाया रसोई (घोस्टकिचन) की अवधारणा – शेफ के नेतृत्व वाली रसोई जो विशेष रूप से ऑनलाइन आज्ञप्तियों और डिलीवरी के लिए उपस्थित है -को एक वास्तविकता बना सकता है।

 

 

चुनौतियां

  • कुछ अध्ययनों का दावा है कि 5 जी तरंगें अधिक विकिरण उत्सर्जित करेंगी तथा मनुष्यों के साथ-साथ अन्य सजीव प्राणियों को भी हानि पहुंचा सकती हैं।
  • 5 जी आवृत्ति वृक्षों, मीनारों, दीवारों तथा भवनों  जैसे भौतिक अवरोधों से बाधित होती है, जो उच्च आवृत्ति संकेतों को अवरुद्ध, बाधित या अवशोषित कर देंगे।
  • ग्राहकों को बहिर्वेल्लन (रोल-आउट) के लिए उच्च प्रारंभिक लागतों का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में बहिर्वेल्लन अधिक होगा और इस प्रकार डिजिटल विभाजन को और विस्तृत करेगा।
  • वर्तमान बैटरी तकनीक इस उन्नत कनेक्टिविटी के लिए उपयुक्त नहीं है।

https://www.adda247.com/upsc-exam/role-of-information-technology-in-agriculturehindi/

आगे की राह

  • विश्व 5 जी की ओर अग्रसर हो रहा है एवं भारत को वैश्विक महाशक्ति बनने की दौड़ में होना चाहिए। यद्यपि, इसे जल्दबाजी में क्रियान्वित नहीं किया जाना चाहिए और राष्ट्रव्यापी बहिर्वेल्लन से पूर्व समस्त चुनौतियों का सावधानी पूर्वक ध्यान रखा जाना चाहिए।

 

Sharing is caring!

Thank You, Your details have been submitted we will get back to you.

Leave a comment

Your email address will not be published.