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रस से जुड़े UPTET के महत्वपूर्ण प्रश्न | 18th December 2019

रस से जुड़े UPTET के महत्वपूर्ण प्रश्न | 18th December 2019_30.1

हिंदी भाषा TET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam (परीक्षा) में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTETKVS ,NVSDSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.TEACHERSADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।

Q1. भरतमुनि के अनुसार रसों की संख्या हैः
(a) आठ
(b) नौ
(c) ग्यारह
(d) दस

Q2. किस रस का स्थायीभाव निर्वेद है?
(a) भक्ति
(b) शान्त
(c) वात्सल्य
(d) श्रृंगार

Q3. भरत के रससूत्र में निम्नलिखित में से किसका उल्लेख नहीं है?
(a) विभाव
(b) अनुभाव
(c) स्थायीभाव
(d) संचारीभाव

Q4. वीभत्स रस का स्थायीभाव हैः
(a) भय
(b) निर्वेद
(c) जुगुप्सा
(d) घृणा


Q5. संचारीभावों की कुल संख्या हैः
(a) आठ
(b) नौ
(c) तैंतीस
(d) छत्तीस

Q6. ‘वाक्यं रसात्मकं काव्यम्’ कहने वाले आचार्य हैंः
(a) मम्मट
(b) विश्वनाथ
(c) भरत
(d) राजशेखर

Q7. ‘‘केसव कहि न जाइ का कहियें
देखत तव रचना विचित्र अति समुझि मनहिं मन रहिये।’’ में हैः

(a) रौद्र रस
(b) शान्त रस
(c) भयानक रस
(d) अद्भुत रस

Q8. ‘‘जहँ- जहँ मज्जा माँस रुचिर लखि परत बगारे।
जित-जित छिटके हाड़, सेत कहुँ, कहुँ रतनारे।।’’
इस अवतरण में हैः

(a) वीभत्स रस
(b) अद्भुत रस
(c) भयानक रस
(d) हास्य रस

Q9. क्रोध किस रस का स्थायीभाव है?
(a) वीभत्स
(b) भयानक
(c) रौद्र
(d) वीर

Q10. कवि बिहारी मुख्यतः किस रस के कवि हैं?
(a) करुण
(b) भक्ति
(c) श्रृंगार
(d)वीर

Solutions

S1. Ans.(a)

Sol. भारत मुनि के अनुसार रसों की संख्या आठ हैं, जो इस प्रकार हैं : श्रृंगार रस, हास्य रस, करुण रस, रौद्र रस वीर रस, भयानक रस, वीभत्स रस एवं अद्भुत रस। हालांकि बाद में कुछ आचार्यो ने इन आठ रसों के अतिरिक्त शान्त और वत्सल रस भी रस में शामिल किया है।

S2. Ans.(b)

Sol. हिन्दी में ‘स्थायी भाव’ के आधार पर ‘रस’ और उनके ‘स्थायी भाव’ इस प्रकार हैं :
रस -स्थायीभाव
1. श्रृंगार रस-                   रति
2. हास्य रस-                   हास
3. करुण रस-                 उत्साह
4. रौद्र रस-                    क्रोध
5. वीर रस-                    उत्साह
6. भयानक रस-             भय
7. वीभत्स रस-               जुगुप्सा
8. अद्भुत रस-               विस्मय
9. शान्त रस-                 शम अथवा निर्वद

S3. Ans.(c)

Sol. आचार्य भरत का मत है कि विभाव, अनुभाव और व्याभिचारी (संचारी भाव) के संयोग से रस निष्पत्ति होती है।

S4. Ans.(c)

Sol. वीभत्स रस का स्थायीभाव जुगुप्सा है ।

S5. Ans.(c)

Sol. मन के चंचल विकारों को संचार भाव कहते हैं। संचारी भाव भी आश्रय के मन में उत्पन्न होते हैं। संचारी भाव को व्यभिचारी भाव भी कहा जाता इसका पहला कारण यह है कि एक संचारी भाव कई रसों के साथ हो सकता है। दूसरा कारण यह है कि वह पानी के बुलबुले की तरह उठता है और शांत होता रहता है। इसके विपरीत स्थायी भाव आदि से अंत तक बना रहता है और एक रस का एक ही स्थायी भाव होता है। शास्त्र में संचारी भावों की संख्या 33 बताई गई है।

S6. Ans.(b)

Sol. ‘वाक्यं रसात्मकं काव्यम्’ आचार्य विश्वनाथ का कथन है।

S7. Ans.(b)

Sol. शम या निर्वेद नामक स्थायी भाव का उत्कर्ष होने पर शांत रस की प्रतीति होती है। शम का अर्थ शांत हो जाना और निर्वेद का अर्थ वेदना रहित होना है। ऐसी स्थिति में मनोविकार शांत हो जाते हैं।

S8. Ans.(a)

Sol. वीभत्स रस का स्थायी भाव जुगुप्सा या घृणा है। परिस्थिति के अनुरोध से काव्य में इस रस का भी प्रयोग हुआ है। बहुत-से लोग इसे सहृदय के अनुकूल नहीं भी मानते हैं। फिर भी जीवन में जुगुप्सा जनक या घृणा उत्पन्न करने वाली परिस्थितियाँ तथा वस्तुएँ कम नहीं हैं। इस कारण घृणा का भाव जब विभाव, अनुभाव और संचारी के संयोग से पुष्ट हो जाता है तब वीभत्स रस उत्पन्न होता है।

S9. Ans.(c)

Sol. रौद्र रस का स्थायी भाव ‘क्रोध’ है। विरोधी पक्ष द्वारा किसी मनुष्य, देश, समाज या धर्म का अपकार अथवा अपमान करने के उसके प्रतिशोध में जो क्रोध का भाव पैदा होता है वही रौद्र रस के रूप में अभिव्यक्त होता है।

S10. Ans.(c)

Sol. बिहारीलाल रीति काल के कवि है| श्रृंगार रस का स्थायी भाव रति है


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