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Hindi Quiz For DSSSB & KVS/NVS Exams 2017

Hindi Quiz For DSSSB & KVS/NVS Exams 2017_30.1



Directions (1-7): नीचे दिये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा उसके नीचे दिये गये प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिये-

     धर्म पालन करने के मार्ग में सबसे अधिक बाधा चित्त की चंचलताउद्देश्य की अस्थिरता और मन की निर्बलता से पड़ती है। मनुष्य के कर्तव्य मार्ग में एक ओर तो आत्मा के बुरेभले कामों का ज्ञान और दूसरी और आलस्य और स्वार्थपरता रहती है। बसमनुष्य इन्हीं दोनों के बीच में फसा रहा है। अंत में यदि उस का मन पक्का हुआ तो वह आत्मा की आज्ञा मानकर अपना धर्म पालन करता है पर यदि उसका मन दुविधा में पड़ रहा है तो स्वार्थपरता उसे निश्चित ही घेरेगी और उसका चरित्र घृणा के योग्य हो जाएगा। इसीलिए यह बहुत आवश्यक है कि आत्मा जिस बात को करने की प्रवृत्ति देउसे बिना स्वार्थ सोचेझटपट कर डालना चाहिए। इस संसार में जितने बड़ेबड़े लोग हुए हैंसभी ने अपने कर्तव्य को सबसे श्रेष्ठ, माना है क्योंकी जितने कर्म उन्होंने किये उन सबने अपने कर्तव्य पर ध्यान देकर न्याय का बर्ताव किया। जिन जातियों में यह गुण पाया जाता है। वे ही संसार में उन्नति करते हैं और संसार में उनका नाम आदर के साथ लिया जाता है। जो लोग स्वार्थी होकर अपने कर्तव्य पर ध्यान नहीं देतेवे संसार में लज्जित होते हैं और सब लोग उनसे घृणा करते हैं। कर्तव्य पालन और सत्यता में बड़ा घनिष्ठ संबंध है। जो मनुष्य अपना कर्तव्य पालन करते है, वह अपने कामों और वचनों में सत्यता का बर्ताव भी रखते है।सत्यता ही एक ऐसी वस्तु है जिससे इस संसार में मनुष्य अपने कार्यों में सफलता पा सकता है क्योंकि संसार में कोई काम झूठ बोलने से नहीं चल सकता। झूठ की उत्पति पापकुटिलता और कायरता से होती है। झूठ बोलना कई रूपों में दीख पड़ता हैजैसे चुप रहनाकिसी बात को बढ़ा कर कहनाकिसी बात को छिपानाझूठ-मूठ की दूसरों की हां में हां मिलाना आदि। कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो मुंह देखी बातें बनाया करते हैंपर करते वही हैं जो उन्हें अच्छा लगता हैं। ऐसे लोग मन में समझते हैं कि कैसे सब को मुर्ख बनाकर हमने अपना काम कर लियापर वास्तव में वे अपने को ही मूर्ख बनाते हैं और अंत में उनकी पोल खुल जाने पर समाज के लोग उनसे घृणा करते हैं।

Q1. धर्म पालन करने में बाधा डालती है-
(a) चित्त की चंचलताउद्देश्य की अस्थिरता और मन की दुर्बलता
(b) मन की निर्बलता और कर्तव्य विमुखता
(c) आलस्य और चित्त की चंचलता
(d) उद्देश्य की अस्थिरता और स्वार्थ।

Q2. ‘मनुष्य इन दोनों के बीच में फसा रहता है।’वाक्य में ‘इन दोनों’ का प्रयोग किस अर्थ में हुआ है?
(a) आलस्य और स्वार्थपरता तथा मन की दुविधा
(b) मन की दुविधा और चित्त की चंचलता
(c) आलस्य और स्वार्थपरता तथा आत्मा के भले-बुरे कामों का ज्ञान
(d) उद्देश्य की अस्थिरता और आत्मा के भले-बुरे कामों का ज्ञान

Q3. संसार के बड़े-बड़े लोगों ने सबसे श्रेष्ठ माना है-
(a) परोपकार को
(b) सदाचार को
(c) अपने कर्तव्य को
(d) उत्तम चरित्र को

Q4. झूठ की उत्पत्ति होती है-
(a) पापकायरता और स्वार्थ से
(b) कुटिलतापाप और ईष्र्या से
(c) कायरतापाप और द्वेष से
(d) पापकायरता और कुटिलता से

Q5. ‘निर्बलता शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय का सही विकल्प है-
(a) निर् बल + ता
(b) निर + बल ता
(c) निर + बलत 
(d) निर + बल अता

Q6. ‘कायर की भाववाचक संज्ञा है-
(a) कायरता
(b) कायरपन
(c) कायरतत्व
(d) अकायरता

Q7. ‘अपना मतलब निकालने वाला के लिए उचित शब्द क्या है-
(a) स्वार्थी
(b) स्वार्थपरता
(c) स्वार्थपरक
(d) कुटिल

Q8. ‘नाच न जाने आँगन टेढ़ा’ लोकोक्ति का अर्थ क्या है-
(a) टेढ़े आगँन में कुशल व्यक्ति ही नाच सकता है
(b) नाचना एक कठिन कला है
(c) काम करना नहीं आना और बहाने बनाना
(d) टेढ़ा आँगन भला नाचना क्या जाने

Q9. ‘बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद लोकोक्ति का अर्थ क्या है-
(a) बन्दर को अदरक अच्छी नहीं लगती
(b) अदरक का स्वाद हर कोई नहीं जान सकता
(c) गुण की पहचान गुणवान को ही होती है।
(d) स्वादिष्ट भोजन सभी को अच्छा लगाता है।

Q10. ‘अधजल गगरी छलकत जाय लोकोक्ति का अर्थ है-
(a) आधी भरी नगरी अवश्य छलकती है।
(b) अधूरी योग्यता सब पर प्रकट हो जाती है।
(c) कम गुण वाला व्यक्ति दिखावा बहुत करता है
(d) कम शिक्षित व्यक्ति अधिक बोलते हैं।
Answers

S1. Ans.(a)

S2. Ans.(c)

S3. Ans.(c)

S4. Ans.(d)

S5. Ans.(a)

S6. Ans.(a)

S7. Ans.(a)

S8. Ans.(c)

S9. Ans.(c)

S10. Ans.(c)