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Hindi Questions For DSSSB Exam : 9th May 2018 (Solutions)

Hindi Questions For DSSSB Exam : 9th May 2018 (Solutions)_30.1

निर्देश (1-5): नीचे दिए गए प्रश्नों में पांच-पांच शब्द हैं, जिनमें एक अथवा दो स्थान रिक्त हैं। प्रत्येक प्रश्न के नीचे (a), (b), (c), (d) में दिए गए अक्षरों में से किसी एक अक्षर को भरने से पांचों अर्थवान शब्द बन जाएंगे। वही क्रमांक आपका उत्तर होगा। यदि एक भी अर्थवान शब्द नहीं बनता है,
Q1.
×
×
×
×
×
×
×
×
×
नि
का

(a) ना
(b) मा
(c) का
(d) सा
S1 Ans. (a)
Sol. रहना, कहना, बहना, सहना, निकालना

Q2.
नो
ना
×
ला
जा
×
×
×
लं
डं
×
×
×
×
×
×
शं

(a) का
(b) र
(c) हा
(d) नी
S2 Ans. (a)
Sol. मनोकामना, कालाजार, लंका, डंका, शंका

Q3.
×
×
×
नि
×
×
×
×
×
ज्ञ

(a) र्ज
(b) र्म
(c) त
(d) या
S3 Ans. (b)
Sol. मर्मर, अकर्मक, निर्मल, सकर्मक, मर्मज्ञ

Q4.
×
बा
मे
बा
×
हा
×
×
×
×
र्ज
×
हे
ना

(a) ब
(b) ज
(c) त
(d) क
S4 Ans. (b)
Sol. जजबात, मेजबान, जहाज, जर्जर, सहेजना

Q5.
×
गी
×
×
×
गी
गी
×
×
×
सं
ना
×
×
×

(a) हा
(b) यो
(c) रो
(d) इनमें से कोई नहीं
S5 Ans. (d)
Sol. इनमें से कोई नहीं

निर्देश (6-10): नीचे दिए गए परिच्छेद में कुछ रिक्त स्थान छोड़ दिए गए हैं तथा उन्हें प्रश्न संख्या में दर्शाया गया है। ये संख्याएँ परिच्छेद के नीचे मुद्रित हैं, प्रत्येक के सामने (a), (b), (c), और (d) विकल्प दिए गए हैं। इन चारो में से कोई एक इस रिक्त स्थान को पूरे परिच्छेद के संदर्भ में उपयुक्त ढंग से पूरा कर देता है। आपको वह विकल्प ज्ञात करना है, और उसका क्रमांक ही उत्तर के रूप में दर्शाना है। दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन करना है।

मनुष्य स्वभावतः एकाकीपन पसन्द नहीं करता। परिवार अथवा समाज में रहते हुए भी हमें एक ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता अनुभव होती है, जिससे हम हृदय की बात निस्संकोच रूप से कह सकें। पारिवारिक मर्यादाओं के कारण पारिवारिक सदस्यों के सम्मुख हम अपने (6) वास्तविक रूप में नहीं रख पाते। परन्तु हृदय तो अभिव्यक्ति के लिए सदा आकुल रहता है। हमारा अन्तःकरण जिससे (7)नहीं रखता, जिसके सम्मुख खुल सकता है, वही हमारा सुहृद है। ऐसे मित्र प्रयन्तपूर्वक बनाए नहीं जाते,(8) ही मिल जाते है। हमारा मित्र हमारा ही प्रतिरूप होता है। विपरीत विचारों वाले मित्र भी (9) रूप में मिलते हैं। परन्तु विचारों और स्थिति की समानता घनिष्ठ मित्रता के लिए अत्यन्त आवश्यक है। सामान्यतः दो (10) विचारों की टकराहट अशान्ति को ही जन्म देती है। जान-पहचान बढ़ाने वाले तो रास्ते चलते भी मिलेंगे पर वे स्वार्थपरायण होंगे और उनका सरोकार अपनी सुख-सुविधा एवं विलासिता तक सीमित होगा। उपयुक्त मित्र मिलना जीवन की सार्थकता है।

Q6.
(a) संकल्प
(b) विकल्प
(c) स्वप्न
(d) मनोभाव
S6 Ans. (d)

Q7.
(a) अनुराग
(b) विराग
(c) दुराव
(d) भुलाव
S7 Ans. (c)

Q8.
(a) सायास
(b) अनायास
(c) बहुप्रयास
(d) विपर्यास
S8 Ans. (b)

Q9.
(a) निर्विवाद
(b) प्रतिवाद
(c) संवाद
(d) अपवाद
S9 Ans. (d)
Q10.
(a) अकूल
(b) अनूकूल
(c) प्रतिकूल
(d) असंगत
S10 Ans. (c)