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Hindi Questions For DSSSB Exam : 13 July 2018 (Solutions)

Hindi Questions For DSSSB Exam : 13 July 2018 (Solutions)_30.1
हिंदी भाषा CTET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam (परीक्षा) में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTET, KVS,NVS DSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.CTET ADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।
Q1. नीचे दिए गए विकल्पों में किस विकल्प पर भाषा-शिक्षण में अधिक ध्यान नहीं देना चाहिए? 
(a) बच्चों की क्षमता का 
(b) बच्चों की रूचि का
(c) बच्चों के स्तर का 
(d) बच्चों के परिवार का 
Q2. शिक्षक को सदैव स्पष्ट तथा मानक भाषा का प्रयोग क्यों करना चाहिए? 
(a) परिवार के बाद बालक शिक्षक की भाषा का अनुकरण कर भाषा सीखता है। 
(b) मानक भाषा आसान होती है। 
(c) मानक भाषा शिक्षण में सहायक होती है।
(d) मानक भाषा छात्रकेंद्रित नहीं होती है। 
Q3. इनमें से कौन-सी विधि आज के युग में प्रासंगिक नहीं है?
(a) विश्लेषण विधि 
(b) प्रत्यक्ष विधि 
(c) खेल विधि
(d) सूत्र विधि 
Q4. “अधिगम व्यवहार में उत्तरोत्तर सामंजस्य की प्रक्रिया है।” यह पंक्ति किस विद्वान द्वारा कही गई है? 
(a) गेट्स
(b) गिलफोर्ड 
(c) स्मिथ
(d) स्किनर
Q5. भाषा के अंतर्गत किन ध्वनियों का समावेश होता है?
(a) निरर्थक ध्वनियों का 
(b) सार्थक ध्वनियों का 
(c) निरर्थक तथा सार्थक दोनों ध्वनियों का
(d) सहज ध्वनियों का 
Q6. भाषा सीखने की योग्यता बालको में किस सिद्धांत के माध्यम से अधिक होती है? 
(a) जीवन समन्वय का सिद्धांत 
(b) मनोरंजन 
(c) शिक्षण सूत्रों का प्रयोग
(d) स्वाभाविकता 
Q7. किन बच्चों को भाषा सीखने में अधिक कठिनाई नहीं होती है? 
(a) तीव्र बुद्धि वाले छात्रों को 
(b) असामान्य बुद्धि वाले छात्रों को 
(c) कम बुद्धि वाले छात्रों को।
(d) निजी विद्यालय के छात्रों को 
Q8. गर्वित कक्षा 3 का विद्यार्थी है। स्तर के अनुसार उसके पाठ्यक्रम में व्याकरण के किस विषय को शामिल नहीं करना चाहिए। 
(a) लिंग
(b) वचन 
(c) समानार्थी शब्द 
(d) संधि 
Q9. नीचे दिए गए परिभाषाओं में श्याम सुंदर दास की परिभाषा कौन-सी है? 
(a) ” भाषा ध्वनि संकेतों का व्यवहार है।” 
(b) “भाषा संसार का नादमय चित्र है, ध्वनिमय स्वरूप है, यह विश्व की हृदय तंत्री की झंकार है।” 
(c) “भाषा निश्चित प्रयत्न के फलस्वरूप मनुष्य के मुख से नि: स्तृत वह सार्थक ध्वनि समिष्ट है, जिसका विश्लेषण और अध्ययन हो सके।” 
(d) “भाषा जीवन का आधार है।” 
Q10. किसी महत्वपूर्ण विषय को किस माध्यम से ग्रहण किया जाता है? 
(a) बोलने एवं सुनने के माध्यम से 
(b) पढ़ने एवं लिखने के माध्यम से 
(c) बोलने एवं लिखने के माध्यम से
(d) सुनने एवं पढ़ने के माध्यम से 
Answers
S1. Ans.(d)
Sol. बच्चों की क्षमता, रूचि, तथा स्तर को ध्यान में रखकर भाषा शिक्षण की प्रक्रिया पूर्ण होनी चाहिए। 
S2. Ans.(a)
Sol. विद्यार्थी शिक्षक की भाषा का अनुकरण करके भाषा सीखता है। यहाँ तक कि विद्यार्थी की भाषा का विकास भी विद्यालय में ही होता है। इस कारणवश शिक्षक को मानक तथा स्पष्ट भाषा का प्रयोग करना चाहिए। 

S3. Ans.(d)
Sol. सूत्र विधि आज के युग में प्रासंगिक नहीं है क्योंकि रटने से सभी नियमों को समझा नहीं जा सकता है। 
S4. Ans.(d)
Sol. स्किनर के अनुसार “अधिगम व्यवहार में उत्तरोत्तर सामंजस्य की प्रक्रिया है।” 
S5. Ans.(b)
Sol. भाषा के अंतर्गत सिर्फ सार्थक ध्वनियों का समावेश होता है। निरर्थक ध्वनियाँ भाषा में शामिल नहीं होती। भाषा सार्थक ध्वनियों का समूह ही है।

S6. Ans.(d)
Sol. स्वाभाविकता सिद्धांत के माध्यम से भाषा सीखने की योग्यता बच्चों में अधिक होती है। बच्चे स्वाभाविक रूप से भाषा अर्जित करते हैं। 
S7. Ans.(a)
Sol. तीव्र बुद्धि वाले छात्रों को भाषा सीखने में कठिनाई नहीं होती है तथा वे अन्य छात्रों की तुलना में शीघ्र भाषा सीख जाते हैं। 

S8. Ans.(d)
Sol. ‘संधि’ विषय को तीसरी कक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल नहीं करना चाहिए। | क्योंकि इस स्तर पर छात्र इसे समझने में सक्षम नहीं होते हैं। 
S9. Ans.(a)
Sol. श्याम सुन्दर दास के अनुसार ” भाषा ध्वनि संकेतों का व्यवहार है।” 

S10. Ans.(d)
Sol. सुनकर या पढ़कर हम किसी विषय को ग्रहण कर सकते हैं।