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Hindi Questions For CTET & DSSSB 2017 Exam

Hindi Questions For CTET & DSSSB 2017 Exam_30.1
Directions (1-5): नीचे दिया गया हरेक वाक्य चार भागों में बांटा गया है और जिन्हें (a), (b), (c) और (d) क्रमांक दिए गए हैं। आपको यह देखना है कि वाक्य के किसी भाग में व्याकरण, भाषा, वर्तनी, शब्दों के गलत प्रयोग या इसी तरह की कोई त्रुटि तो नहीं है। त्रुटि अगर होगी तो वाक्य के किसी एक भाग में ही होगी। उस भाग का क्रमांक ही आपका उत्तर है।

Q1. यह विडंबना ही है कि आज भी(a)/उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद(b)/मेधावी छात्र विदेशों जाकर(c)/ रोजी रोटी कमाना चाहते हैं।(d)

Q2. वक्त की सलाखें इतनी(a)/नाजुक नहीं होती कि(b)/घड़ी का मामूली सी(c)/सूईयाँ उन्हें तोड़ सकें।(d)

Q3. समाज में एक वैज्ञानिक(a)/समझ विकसित करने के लिए(b)/सरकार ने कोई कभी ठोस कार्य (c)/योजना विकसित नहीं की (d)

Q4. कुछ पक्षी ऐसे होते(a)/हैं कि यदि उन्हें परेशान न(b)/किया जाए तो वे घंटों चुपचाप(c)/पेड़ में दुबके घिरे रहते हैं(d)

Q5. एक तरफ देश का भंडारी(a)/खाद्यानो से भरे हुए हैं(b)/और दूसरी तरफ लोग(c)/भूख में मर रहे हैं(d)
Direction (6-10): नीचे दिए गए परिच्छेद में कुछ रिक्त स्थान छोड़ दिए गए हैं तथा उन्हें प्रश्न संख्या से दर्शाया गया है। ये संख्याएँ परिच्छेद के नीचे मुद्रित हैं, और प्रत्येक के सामने (a), (b), (c), और (d) विकल्प दिए गए हैं। इन चारों में से कोई एक रिक्त स्थान को पूरे परिच्छेद के संदर्भ में उपयुक्त ढंग से पूरा कर देता है। आपको वह विकल्प ज्ञात करना है और उसका क्रमांक ही उत्तर के रूप में दर्शाना है। आपको दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन करना है। 
इंसानों में जितने भेद होते हैं, उनमें एक बड़ा भेद रूचि का होता है। (6) मित्रों में भी भिन्न रूचियां पाई जाती हैं। एक ही माता-पिता की संतानों की रूचियां अलग-अलग होती हैं। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार हमारा उस व्यक्ति-परिस्थिति से तालमेल हो जाना ही रूचि है। बेहतर तालमेल ही रूचि में बदल जाता है। जिस काम में हमें रूचि होती है उसे हम अच्छे ढंग से करते हैं, लेकिन यह भी सही है कि किसी काम को (7) करते रहें तो उसमें रूचि जाग जाती है। रूचि है बहुत महत्वपूर्ण तत्व। जब आप किसी बड़े अभियान में जुटे हुए हों; कहीं नौकरी कर रहे हों या स्वयं का व्यवसाय हो, देखिए, रूचि कैसे काम आती है। हमारे भीतर की (8) लगन जगाती है और हम पूरी लगन से इसी काम में जुट जाते हैं। परंतु केवल लगन से काम नहीं चलता। उत्साह यदि न हो तो लगन भी हांफने लगती है। यदि उत्साह जुड़ जाए तो सफलता मिलनी ही है। लगन में उत्साह जोड़ने के लिए उन कामों में रूचि लें, जिन्हें हम न जानते हों। हमारी जितनी कम जानकारी हो, उतनी ही अधिक (9) बढ़ा दें। जैसे किसी खेल को हमने कभी न खेला हो तो उसकी जानकारी निकालना शुरू करें। जिस कला से कभी हमारा संबंध न रहा हो उसके बारे में थोड़ी खोजबीन करें। जिस साहित्य से हम कभी न गुजरे हों उसके अध्ययन से अपनी रूचि को जोड़ दें। यह जो अतिरिक्त रूचि का कार्य होगा वह हमारे लगन में उत्साह भर देगा। इस (10) प्रयोग को करने में कोई नुकसान नहीं है।

Q6.
(a) अभी
(b) हर एक
(c) प्रत्येक
(d) अभिन्न

Q7.
(a) मन से 
(b) लगातार
(c) सामर्थ्यानुसार
(d) लगन से
Q8.
(a) कार्य
(b) सार्थकता
(c) नैतिकता
(d) आध्यात्मिकता
Q9.
(a) रूचि
(b) जानकारी
(c) शक्ति
(d) क्षमता
Q10. 
(a) सार्वजनिक
(b) आध्यात्मिक
(c) मनोवैज्ञानिक
(d) निर्विवादित
Solutions:
S1. Ans (c)
S2. Ans (c)
S3. Ans (c)
S4. Ans (d)
S5. Ans (a)
S6 Ans. (d)
S7 Ans. (b)
S8 Ans. (c)
S9 Ans. (a)
S10 Ans. (c)