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UPTET हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण प्रश्न | 26th December 2019

UPTET हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण प्रश्न | 26th December 2019_30.1

हिंदी भाषा TET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam (परीक्षा) में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTETKVS ,NVSDSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.TEACHERSADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।
Q1. अनुप्रास के कुल कितने भेद हैं? 

(a) 4
(b) 5
(c) 6
(d) 7

Q2. जहां अनेक वर्णो की आवृत्ति एक निश्चित क्रम में हो वहां होता है
(a) वृत्यानुप्रास
(b) श्रुत्यानुप्रास
(c) लाटानुप्रास
(d) छेकानुप्रास

Q3. “तीन बेर खाती थीं वे तीन बेर खाती हैं” इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
(a) अनुप्रास
(b) श्लेष
(c) यमक
(d) अन्योक्ति

Q4. ‘तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए’ इस पंक्ति कौन-सा अलंकार है?
(a) अनुप्रास
(b) यमक
(c) श्लेष
(d) वक्रोक्ति

Q5. एक ही उच्चारण स्थान से उच्चरित वर्णों की आवृत्ति पर आधारित अनुप्रास कहलाता है –
(a) वृत्यानुप्रास
(b) श्रुत्यानुप्रास
(c) अंत्यानुप्रास
(d) लाटानुप्रास

Q6. अनुस्वार अथवा अनुनासिक वर्गों की आवृत्ति पर आधारित अनुप्रास कहलाता है –
(a) परुषा वृत्यानुप्रास
(b) कोमला वृत्यानुप्रास
(c) उपनागरिका वृत्यानुप्रास
(d) अंत्यानुप्रास

Q7. अति मलीन वृषभानकुमारी
अधोमुख रहति, उरध नहिं चितवत
ज्यों गथ हारे थेकित जुआरी।
छूटे चिकर, वदन कम्हिलाने
ज्यों नलिनी हिमकर की मारी॥

इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?

(a) अनुप्रास
(b) उत्प्रेक्षा
(c) रूपक
(d) उपमा

Q8. ‘पावस ऋतु थी पर्वत प्रदेश पल पल परिवर्तित प्रकृति वेश’ इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है –
(a) अनुप्रास
(b) श्लेष
(c) यमक
(d) वक्रोक्ति

Q9. पूत सपूत तो धन का संचै?
पूत कपूत तो धन का संचै?
इस पंक्ति में अनुपात का कौन-सा भेद हैं ?

(a) अंत्यानुप्रास
(b) लाटानुप्रास
(c) वृत्यानुप्रास
(d) श्रुत्यानुप्रास

Q10. अनेकार्थक पद की आवृत्ति है –
(a) अनुप्रास अलंकार
(b) यमक अलंकार
(c) उत्प्रेक्षा अलंकार
(d) उपमा अलंकार

Solutions

S1. Ans.(b)अनुप्रास के पांच भेद हैं
1 छेकानुप्रास
2 वृत्यानुप्रास
3 अंतानुप्रास
4 लाटानुप्रास
5 श्रुत्यानुप्रास

S2. Ans.(d)अनुप्रास के प्रकार:
1. छेकानुप्रासː जब वर्णों की आवृत्ति एक से अधिक बार होती है तो वह छेकानुप्रास कहलाता है। उदाहरण –
मुद मंगलमय संत समाजू। जो जग जंगम तीरथराजू॥
2. वृत्यानुप्रासː जब एक ही वर्ण की आवृत्ति अनेक बार होती है तो वृत्यानुप्रास होता है। उदाहरण –
काम कोह कलिमल करिगन के।
3.लाटानुप्रासː जब एक शब्द या वाक्यखण्ड की आवृत्ति होती है तो लाटानुप्रास होता है। उदाहरण –
वही मनुष्य है, जो मनुष्य के लिये मरे।
4. अन्त्यानुप्रासː जब अन्त में तुक मिलता हो तो अन्त्यानुप्रास होता है। उदाहरण –
मांगी नाव न केवटु आना। कहहि तुम्हार मरमु मैं जाना॥
5. श्रुत्यानुप्रासː जब एक ही वर्ग के वर्णों की आवृत्ति होती है तो श्रुत्यानुप्रास होता है। उदाहरण –
दिनान्त था थे दिननाथ डूबते, सधेनु आते गृह ग्वाल बाल थे।

S3. Ans.(c)

S4. Ans.(a)

S5. Ans.(b)

S6. Ans.(c)वृत्तियां तीन प्रकार की होती हैं – (क) कोमला (ख) परुषा और (ग) उपनागरिका।
(क) कोमला – जिस रचना मे य, र, ल, व, स आदि कोमल अक्षरो कि प्रधानता हो वहाँ कोमलता होती है,
(ख) परुषा- जिस रचना मे ओज की व्यंजना वाले कठोर शब्द आयें जैसे ट वर्ग के वर्ण अथवा दित्य वर्ण वहाँ परुषा वृत्ति होती है। 

(ग) उपनागरिका- उपनकरिका वृत्ति में सानुनासिक वर्ण(अनुस्वार अथवा अनुनासिक वर्गों) आते हैं।
अन्त्यानुप्रासː जब अन्त में तुक मिलता हो तो अन्त्यानुप्रास होता है। उदाहरण –
मांगी नाव न केवटु आना। कहहि तुम्हार मरमु मैं जाना॥

S7. Ans.(d)

S8. Ans.(a)

S9. Ans.(b)

S10. Ans.(b)जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं, उन्हें ‘अनेकार्थी शब्द’ कहते है।खासकर यमक और श्लेष अलंकारों में इसके अधिकाधिक प्रयोग देखे जाते हैं।
-”रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।
-”चली चंचला, चंचला के घर से, तभी चंचला चमक पड़ी।”


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