Home   »   CTET Hindi Preparation Questions (Solutions)

CTET Hindi Preparation Questions (Solutions)

CTET Hindi Preparation Questions (Solutions)_30.1

हिंदी भाषा TET परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है इस भाग को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है .बस आपको जरुरत है तो बस एकाग्रता की. ये खंड न सिर्फ CTET Exam (परीक्षा) में एहम भूमिका निभाता है अपितु दूसरी परीक्षाओं जैसे UPTET, KVS,NVS DSSSB आदि में भी रहता है, तो इस खंड में आपकी पकड़, आपकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.TEACHERS ADDA आपके इस चुनौतीपूर्ण सफ़र में हर कदम पर आपके साथ है।
Q1. निम्नलिखित वाक्यों में से कौन सा ऐसा वाक्य है जिसकी क्रिया कर्ता के लिंग के अनुसार ठीक नहीं है?
(a) राम आता है 
(b) घोड़ा दौड़ता है 
(c) हाथी सोता है 
(d) लड़की जाता है 
Q2. ‘पेट में दाढ़ी होना’ का अर्थ है –
(a) भेद न लगने देता 
(b) वस्तु का सही स्थान पर न होना 
(c) अप्राकृतिक व्यवहार होना 
(d) छोटी उम्र में ही बुद्धिमान होना 
Q3. ‘तीन बेर खाती थी वो तीन बेर खाती थी’, पंक्ति में अलंकार चयनित कीजिए।
(a) अनुप्रास 
(b) श्लेष 
(c) अन्योक्ति 
(d) यमक 
Q4. वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द का चयन कीजिए। 
(a) अनुग्रहित 
(b) अनूग्रहित 
(c) अनुगृहीत 
(d) अनुगृहित 
Q5.निम्नलिखित विकल्पों में से निर्गुण भक्ति काव्य के प्रमुख कवि कौन हैं? 
(a) सूरदास 
(b) कबीर 
(c) तुलसीदास 
(d) केशव 
Q6. “ब्रजपाणि” शब्द में कौन सा समास है? 
(a) तत्पुरुष 
(b) बहुव्रीही 
(c) द्वंद्व 
(d) द्विगु 
Q7. फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ किसके लेखक हैं? 
(a) गबन 
(b) गीतांजली 
(c) मैला आँचल 
(d) कामायनी 
Q8. ‘जिसके पास कुछ न हो’, इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। 
(a) अपव्ययी 
(b) अनावर्त 
(c) निरापद 
(d) अकिंचन 
Q9. ‘जंगल’ शब्द का पर्यायवाची है-
(a) प्रमोद 
(b) विश्रान्ति 
(c) कान्तार 
(d) दिव 
Q10. वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द का चयन कीजिए। 
(a) प्रतिवादि 
(b) प्रतिवादी 
(c) प्रतीवादी 
(d) प्रतिवाद 
Solutions
S1. Ans. (d):
S2. Ans. (d):
S3. Ans. (d): जिस जगह एक ही शब्द (व्याकरण) एक से अधिक बार प्रयुक्त हो, लेकिन उस शब्द का अर्थ हर बार भिन्न हो, वहाँ यमक अलंकार होता है। उदाहरण-
कनक कनक ते सौगुनी, मादकता अधिकाय।
वा खाये बौराय नर, वा पाये बौराय।। 
यहाँ कनक शब्द की दो बार आवृत्ति हुई है जिसमे एक कनक का अर्थ है- धतूरा और दूसरे का अर्थ स्वर्ण है।
S4. Ans. (c):
S5. Ans. (b):
S6. Ans. (b): बहुव्रीहि समास = वह समास होता है जिसमें दोनों पद अप्रधान हों तथा दोनों पद मिलकर किसी तीसरे पद की ओर संकेत करते हैं, उसमें ‘बहुव्रीहि समास’ होता है। जैसे -नीलकण्ठ – नीला है कण्ठ जिसका अर्थात् ‘शिव’। लम्बोदर – लम्बा है उदर जिसका अर्थात् ‘गणेश’।
S7. Ans. (c):
S8. Ans. (d):
S9. Ans. (c):
S10. Ans. (b):

You may also like to read :