ESIC Delhi Staff Nurse and Paramedical Result 2020: Employees’ State Insurance Corporation (ESIC) Delhi has declared the Final Select List for the post of Nursing and Paramedical posts including Staff Nurse, Laboratory Assistant, Junior Medical Record Technician, Social Worker, and other posts on its official website which is www.esic.nic.in. All such candidates who have appeared for the Nursing and Paramedical Posts Document Verification round can check their result on the official website of ESIC and through the direct link that is given below on this site.

ESIC Delhi Staff Nurse and Paramedical Result 2020

On the basis of the notice for the list of the candidates finding a place in the select list and followed by Verification of Documents on Scheduled of various Nursing and Paramedical Posts 2018, the lists of Provisionally Selected candidates have been uploaded on its official website. All such candidates that appeared in the Document Verification round can check the Final Selection List available on the official website.

A total of 111 candidates have been shortlisted for the post of Staff Nurse.

Link To Check ESIC Delhi Staff Nurse and Paramedical Staff Result 2020

The direct link to check the ESIC Delhi Final Result 2020 for Nursing and Paramedical Posts is mentioned below:

Steps To Check ESIC Delhi Final Result For Nursing and Paramedical Posts

  • Click on the link that is given below.
  • The Result will be downloaded and is in the PDF format.
  • Check for your name or roll no. as per the post for which you have applied.
  • If your name gets highlighted, you have been shortlisted.

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हाल ही में अटल बिमित व्यक्ति कल्याण योजना के पात्रता मानदंडों में कोरोना महामारी को चलते कुछ बदलाव किये गए हैं। कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम’ (Employees’ State Insurance Corporation- ESIC) ने इसे एक वर्ष बढ़ाकर 30 जून 2021 कर दिया है. इसके अलावा,  ESIC ने पात्रता मानदंडों में ढील दी है और योजना के तहत बेरोजगारी लाभ के भुगतान को बढ़ाया है (24 मार्च से 31 दिसंबर 2020 तक लागू)।

‘कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम’ (Employees’ State Insurance Corporation- ESIC) की 182वीं बैठक के दौरान श्रम और रोजगार राज्यमंत्री श्री संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में ESIC निगम ने सेवा प्रदायगी तंत्र में बेहतरी लाने  एवं COVID-19 महामारी के कारण प्रभावित श्रमिकों को राहत प्रदान करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

यहीं आपको बता दें कि केंद्र सरकार की इस योजना के तहत नौकरी से निकाले गए बेरोजगारों को वित्तीय मदद दी जाती है। यह योजना कर्मचारी राज्य बिमा निगम (ESIC) द्वारा संचालित योजना है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम, एक बहुआयामी सामाजिक प्रणाली है जो श्रमिक आबादी को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में कार्य करती है।

अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के बारे में

योजना का शुभारंभ ESI कॉर्पोरेशन द्वारा जुलाई 2018 में किया गया था। इस योजना के अनुसार, यदि बीमित व्यक्ति (IP) बेरोजगार है, तो इससे पिछले चार अंशदान अवधि के दौरान प्रति दिन की औसत कमाई का 25% तक राहत मिलती है, जिसमें एक बार अधिकतम 90 दिनों की बेरोजगारी का भुगतान करना होता है. बीमित व्यक्ति को एफिडेविट के रूप में दावा प्रस्तुत करने पर करना होता है।

ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि योजना के तहत बीमित व्यक्तियों को बेरोजगारी की दशा में नकद मुआवजा प्रदान किया जाता है। ‘कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम’ द्वारा योजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है और इस योजना को प्रारंभ में दो वर्ष के लिये पायलट आधार पर शुरू किया गया था।

राहत का लाभ उठाने के लिए, पात्रता मानदंड में निम्नानुसार छूट दी गई है यानी संशोधित मानदंड इस प्रकार हैं:

– इस योजना के तहत अधिकतम 90 दिनों की बेरोजगारी के लिये औसत मज़दूरी को 25% से बढ़ाकर 50% तक कर दिया गया है।

– बेरोजगारी के 90 दिनों के बाद देय होने वाली राहत के बजाय, यह अब 30 दिनों के बाद भुगतान किया जाएगा।

– अंतिम नियोक्ता द्वारा अग्रेषित किए जाने वाले दावे के बजाय बीमित व्यक्ति द्वारा ESIC शाखा कार्यालय में दावा प्रस्तुत कर सकता है और भुगतान सीधे बीमित व्यक्ति के बैंक खाते में किया जाएगा।

– बीमित व्यक्ति को उसकी बेरोजगारी से पहले, कम से कम 2 वर्ष की न्यूनतम अवधि के लिये बीमा योग्य रोज़गार में होना चाहिये. इसके अलावा, उसका बेरोजगारी से ठीक पहले की योगदान अवधि में 78 दिनों से कम का योगदान नहीं होना चाहिये। बेरोजगारी से पहले दो वर्षों में शेष 3 योगदान अवधियों में से एक में कम से कम 78 दिनों का भी योगदान होना चाहिये।

COVID-19 महामारी के दौरान ESIC अस्पतालों में ICU / HDU सेवाओं को मजबूत करने के लिए, सभी ESIC अस्पतालों में कुल कमीशन बेड के 10% तक ICU / HDU सेवाओं को स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है।

यह बदलाव कब तक चलेंगे?

COVID-19 महामारी के दौरान जिन श्रमिकों ने अपना रोज़गार खो दिया है, उन्हें योजना के तहत विद्यमान शर्तों एवं राहत की राशि में छूट देने का निर्णय लिया गया है यानी इस योजना में पात्रता की शर्तों में ESIC द्वारा ढील दी गई है। यह डील 24 मार्च 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक चलेगी। इसके बाद मांग और 1 जनवरी 2021 से 30 जून 2021 की अवधि के दौरान योजना मूल पात्रता शर्तों के साथ उपलब्ध होगी।

साथ ही मूल योजना के तहत मानदंडों को भी जान लेते हैं.

– योजना के तहत प्रतिदिन की औसत कमाई के 25% यानी पिछली चार योगदान अवधि के लिये तक इस योजना के तहत राहत प्रदान की जाती है।

– इस योजना के तहत बीमित व्यक्ति अपने जीवनकाल में एक बार में अधिकतम 90 दिनों की बेरोजगारी के लिये भुगतान कर सकता है।

– राहत भुगतान, बेरोजगारी के 90 दिनों के बाद किया जाएगा।

– कर्मचारी से संबंधित योगदान, नियोक्ता द्वारा भुगतान या देय होना चाहिये।

– इस योजना का लाभ उठाने के लिए बीमित व्यक्ति को दो वर्ष की न्यूनतम अवधि के लिये बीमा योग्य रोज़गार में होना चाहिये। बीमित व्यक्ति को पूर्ववर्ती चार योगदान अवधि के दौरान कम से कम 78 दिनों का योगदान होना चाहिये।

अन्य शर्तें इस योजना के तहत इस प्रकार हैं:

राहत का दावा करने के लिए बीमित व्यक्ति को अवधि के दौरान बेरोजगार होना चाहिये।
ऐसे कर्मचारी जो कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम- 1948 की धारा 2 (9) के तहत कवर हैं।
बेरोजगारी का कारण दुराचार, सेवानिवृत्ति या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति नहीं होना चाहिये।
बीमित व्यक्ति के डेटाबेस से आधार कार्ड और बैंक खाते को जोड़ा जाना चाहिये।
यदि बीमित व्यक्ति एक से अधिक नियोक्ता के लिये कार्य कर रहा है और उसे कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत कवर किया गया है, तो उसे केवल तभी बेरोजगार माना जाएगा, जब वह सभी नियोक्ताओं के यहाँ बेरोजगार होगा।
एक ही अवधि के लिये बीमित व्यक्ति किसी भी अन्य नकद मुआवज़े और इस योजना के तहत राहत का एक साथ लाभ नहीं ले सकेगा।

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Recently Atal Bimit Vyakti Kalyan Yojana was in the news because the Employee’s State Insurance Corporation has extended it by one year that is to 30th June, 2021. Also, the ESIC has relaxed eligibility criteria and enhanced the payment of the unemployment benefit under the Yojana (applicable from 24th March-31st December 2020).

ESI Corporation under the Chairmanship of Shri Santosh Kumar Gangwar, Minister of State for Labour and Employment during the meeting has taken some important decisions for the development of the service delivery mechanism and providing relief to the workers affected due to COVID-19 pandemic.

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For availing the relief, the eligibility criteria have also been relaxed as under:

– Payment will be enhanced at 50% of average wages payable for maximum 90 days unemployment instead of earlier 25% from 24 March, 2020 to 31 December, 2020.

– Rather the relief becoming payable 90 days after unemployment, it shall become due for payment after 30 days.

– The claim can be submitted directly to ESIC Branch Office by the Insured Person instead of the claim being forwarded by the last employer and the payment shall be made directly in the bank account of the  IP.

– Before his or her unemployment, the Insured Person should have been insurable employment for a minimum period of 2 years. Also, it should have contributed for not less than 78 days within the contribution period immediately preceding to unemployment and minimum of 78 days in one among the remaining 3 contribution periods in two years prior to unemployment.

Also to strengthen ICU/HDU services in the ESIC hospitals during COVID-19 pandemic, the decision has been taken to establish ICU/HDU services up to 10% of total commissioned beds in all ESIC hospitals.

About Atal Bimit Vyakti Kalyan Yojana

The Scheme was launched by the ESI Corporation. As per the scheme, in case the Insured Person (IP) is rendered unemployed it provides relief to the extent of 25% of the average per day earning during the previous four contribution periods is to be paid up to maximum 90 days of unemployment once in a lifetime of the IP on submission of claim in form of an Affidavit.

From 1 July, 2018, the scheme has been made effective. Initially, the scheme was implemented on a pilot basis for a period of two years.

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